इस अप्रत्याशित टूट ने उद्धव ठाकरे खेमे के पैरों तले जमीन खिसका दी है:
प्रमुख नाम आए सामने: सूत्रों के मुताबिक, बगावत करने वाले इन 6 सांसदों में नागेश पाटिल आष्टीकर और संजय दीना पाटिल जैसे कद्दावर नेताओं के नाम शामिल हैं।
बयानों का यू-टर्न: चौंकाने वाली बात यह है कि सांसद संजय दीना पाटिल ने बुधवार सुबह ही मीडिया में आ रही पार्टी छोड़ने की खबरों को सिरे से खारिज किया था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उन्होंने बगावती पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए। शिवसेना में चार साल के भीतर यह दूसरी सबसे बड़ी टूट है, इससे पहले जून 2022 में एकनाथ शिंदे 39 विधायकों के साथ अलग हुए थे।
मुंबई में हुई इस बगावत की गूंज देश की राजधानी दिल्ली तक सुनाई दी, जहां शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद और मुख्य प्रवक्ता संजय राउत पूरी तरह अपना आपा खो बैठे:
प्रेस कॉन्फ्रेंस में फूटा गुस्सा: दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने राउत से सांसदों की बगावत पर सवाल पूछा, तो वे लाइव कैमरों के सामने बुरी तरह भड़क गए। उन्होंने बागी सांसदों को गाली देते हुए कहा— "ये साले #$% के। ये बेईमान लोग हैं और बेईमानी इनके खून में है।"
शब्दों पर दी अजीब सफाई: लाइव टीवी पर गाली देने के बाद जब विवाद बढ़ा, तो राउत ने बैकफुट पर आते हुए अपनी सफाई में कहा कि मराठी भाषा में इस तरह के शब्द आम बोलचाल का हिस्सा हैं और इसे अन्यथा नहीं लिया जाना चाहिए।
शिवसेना (UBT) में हुई यह टूट कोई इकलौती घटना नहीं है, बल्कि पिछले कुछ महीनों से विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' (INDIA) में लगातार बड़ी सेंधमारी हो रही है:
TMC और AAP को भी झटका: पिछले महज 3 महीनों के भीतर विपक्षी खेमे के कुल 27 सांसदों ने अपनी मूल पार्टियों से बगावत कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) या राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को अपना समर्थन दिया है।
सांसदों का गणित: पाला बदलने वाले इन नेताओं में आम आदमी पार्टी (AAP) के 7 राज्यसभा सांसद और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 लोकसभा सांसद शामिल हैं, जो विपक्ष के लिए एक बहुत बड़ा राष्ट्रीय झटका है।
महाराष्ट्र और दिल्ली की इस राजनीतिक उठापटक के बीच उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों से भी बयानों के तीखे तीर चलने शुरू हो गए हैं:
ओम प्रकाश राजभर का दावा: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के मुखिया और यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के बाद अब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) के भीतर बहुत बड़ी टूट होने वाली है। सपा के कई दिग्गज नेता पाला बदलकर बीजेपी में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार बैठे हैं।
अखिलेश यादव का पलटवार: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने राजभर के दावों को पूरी तरह बकवास और खारिज करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी पूरी तरह मजबूत और एकजुट है। अखिलेश ने उल्टा तंज कसते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में खुद भारतीय जनता पार्टी के अपने कई विधायक बगावत पर आमादा हैं और वे बहुत जल्द पाला बदलने वाले हैं।