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NEET छात्र सुसाइड मामला: राहुल गांधी ने फोन पर ढांढस बंधाया, रो पड़े माता-पिता

झुंझुनूं: नीट पेपर लीक और उसके बाद परीक्षा रद्द होने की खबरों से आहत होकर आत्महत्या करने वाले 22 वर्षीय छात्र प्रदीप मेघवाल के घर शनिवार को भारी गमगीन माहौल रहा। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ पीड़ित परिवार को सांत्वना देने झुंझुनूं स्थित उनके पैतृक गांव पहुंचे। वहां उन्होंने मौके से ही कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को फोन मिलाकर पीड़ित माता-पिता की उनसे बात करवाई।

 

"तीन बहनों का इकलौता भाई था, हम क्या करेंगे" - मां ने राहुल गांधी से रोते हुए कहा

विनोद जाखड़ के माध्यम से जब राहुल गांधी का फोन पीड़ित परिवार के पास पहुंचा, तो पूरा माहौल आंसुओं में डूब गया:

  • सेंटर से निकलते ही कहा था—सिलेक्शन पक्का है: मृतक प्रदीप के पिता राजेश कुमार ने रोते हुए राहुल गांधी से कहा, "सर, 3 मई को जब बेटा परीक्षा केंद्र से बाहर निकला था, तो उसने बेहद खुश होकर कहा था कि इस बार उसका चयन पक्का है। वह डॉक्टर बन जाएगा।"

  • इकलौता चिराग बुझ गया: भावुक मां ने रोते हुए कहा, "वह अपनी तीन बहनों का इकलौता भाई था। हमारा सहारा छिन गया, अब हम किसके सहारे जिएंगे?"

  • राहुल गांधी ने दिया मदद का भरोसा: परिजनों का विलाप सुनकर राहुल गांधी ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, "यह बेहद दुखद और विचलित करने वाली घटना है। आपके बेटे को हम वापस तो नहीं ला सकते, लेकिन इस दुःख की घड़ी में हम आपके साथ खड़े हैं। यदि किसी भी प्रकार की आर्थिक या कानूनी मदद की आवश्यकता हो, तो बेझिझक बताइए।"

 

डॉक्टर बनाने के लिए नहीं बनवाया घर, खर्च किए थे ₹11 लाख

प्रदीप मेघवाल (22) झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी क्षेत्र के 'कनिका की ढाणी बाड्या नाला' गांव का रहने वाला था।

  • 3 साल से कर रहा था संघर्ष: प्रदीप पिछले 3 वर्षों से सीकर की पीपराली रोड पर एक किराए का कमरा लेकर अपनी बहनों के साथ रह रहा था और एक प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान से नीट की तैयारी कर रहा था।

  • कर्ज और उम्मीदें: पिता राजेश कुमार ने बताया कि परिवार ने अपने इकलौते बेटे को डॉक्टर बनाने का सपना देखा था। इसके लिए उन्होंने अपना पक्का घर तक नहीं बनवाया और प्रदीप की पढ़ाई पर अब तक 8 से 11 लाख रुपए खर्च कर दिए थे।

 

पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से गहरे डिप्रेशन में था प्रदीप

3 मई 2026 को आयोजित हुई NEET-UG परीक्षा के बाद प्रदीप ने आंसर-की मिलाकर परिवार को आश्वस्त किया था कि उसके 720 में से 650 नंबर आ रहे हैं, जिससे उसे सरकारी मेडिकल कॉलेज मिलना तय था।

  • तनाव में उठाया खौफनाक कदम: देश भर में नीट पेपर लीक के खुलासे और परीक्षा रद्द होने की आशंकाओं व खबरों के बाद प्रदीप गहरे मानसिक तनाव (डिप्रेशन) में आ गया। 15 मई को जब उसकी एक बहन कोचिंग गई हुई थी और दूसरी बाथरूम में थी, तब प्रदीप ने कमरे में फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।

 

ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी, अस्थियां विसर्जन पर रोक

इस बीच, होनहार छात्र की मौत को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और छात्र संगठनों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने पेपर लीक माफियाओं और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के खिलाफ बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रदीप के पिता राजेश कुमार ने दृढ़ संकल्प जताते हुए दो टूक कहा है कि जब तक उनके बेटे की मौत के जिम्मेदार भ्रष्ट सिस्टम और पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती और उनके परिवार को पूरा न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वे प्रदीप की अस्थियों को गंगा में विसर्जित नहीं करेंगे।

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