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कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर बृजेश पाठक ने किया नमन, बोले- ‘बाबूजी ने सनातन संस्कृति और यूपी के विकास को समर्पित किया जीवन’

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का नाम आज भी प्रमुखता से लिया जाता है। उनकी पुण्यतिथि पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ‘बाबूजी’ ने अपना पूरा जीवन सनातन संस्कृति और उत्तर प्रदेश के विकास के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह को प्रदेश की जनता आज भी सम्मान और आत्मीयता के साथ याद करती है।

राम मंदिर आंदोलन ने दिलाई राष्ट्रीय पहचान

कल्याण सिंह की राजनीतिक पहचान राम मंदिर आंदोलन से गहराई से जुड़ी रही। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल उस दौर का गवाह रहा, जब अयोध्या आंदोलन अपने निर्णायक चरण में था।

राम मंदिर आंदोलन में उनकी भूमिका ने उन्हें भाजपा की राष्ट्रीय राजनीति में अलग पहचान दिलाई। पार्टी के समर्थक वर्ग में वे ऐसे नेता के रूप में स्थापित हुए, जिन्होंने भाजपा की विचारधारा से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट और मुखर रुख अपनाया।

हालांकि उनकी राजनीतिक विरासत केवल राम मंदिर आंदोलन तक सीमित नहीं रही। उत्तर प्रदेश की सामाजिक और राजनीतिक संरचना में भी उन्होंने महत्वपूर्ण प्रभाव छोड़ा।

OBC राजनीति में मजबूत बनाया आधार

कल्याण सिंह की राजनीति की दूसरी बड़ी पहचान उनका पिछड़ा वर्ग से जुड़ाव रहा। लोधी समाज से आने वाले कल्याण सिंह ने उत्तर प्रदेश में भाजपा के सामाजिक आधार को विस्तार देने में अहम भूमिका निभाई।

जब प्रदेश की राजनीति में जातीय समीकरण तेजी से प्रभावी हो रहे थे, उस समय कल्याण सिंह भाजपा के प्रमुख OBC चेहरों में शामिल थे। उनकी लोकप्रियता ने भाजपा को पिछड़े वर्ग के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने में मदद की।

इसी वजह से उन्हें उत्तर प्रदेश की राजनीति में हिंदुत्व और OBC सामाजिक समीकरण को जोड़ने वाले प्रमुख नेताओं में गिना जाता है।

‘बाबूजी’ संबोधन बना राजनीतिक पहचान

कल्याण सिंह के समर्थकों के बीच ‘बाबूजी’ संबोधन उनकी पहचान का अहम हिस्सा बन गया था। यह केवल सम्मान का संबोधन नहीं रहा, बल्कि उनकी लोकप्रियता और लोगों से उनके जुड़ाव का प्रतीक बन गया।

आज भी भाजपा के नेता और उनके समर्थक उन्हें इसी आत्मीय नाम से याद करते हैं। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने भी श्रद्धांजलि देते हुए ‘बाबूजी’ का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन में सनातन संस्कृति के संरक्षण और उत्तर प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए भाजपा नेताओं और समर्थकों ने उनके सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक योगदान को नमन किया।

यूपी की राजनीति में आज भी कायम है प्रभाव

कल्याण सिंह की राजनीति का प्रभाव उत्तर प्रदेश में आज भी दिखाई देता है। राम मंदिर आंदोलन से लेकर OBC राजनीति तक, उन्होंने भाजपा के विस्तार के दौर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके समर्थकों के बीच बनी लोकप्रियता और ‘बाबूजी’ की पहचान ने उन्हें उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक अलग स्थान दिया।

इसी राजनीतिक विरासत के कारण उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें याद करना केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भाजपा की उत्तर प्रदेश की राजनीतिक यात्रा में उनके योगदान को भी दोहराया गया।