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जयपुर भाजपा दफ्तर में बड़ा पावर कट: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मीडिया संवाद में 3 बार गुल हुई बिजली

जयपुर: प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण मीडिया संवाद कार्यक्रम के दौरान उस समय असहज स्थिति पैदा हो गई, जब अचानक बिजली चली गई। बिजली गुल होते ही पूरे मीडिया हॉल में सन्नाटा पसर गया। जिस समय यह बिजली कटौती हुई, उस समय मंच पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर भी मौजूद थे। बिजली जाने के बाद करीब 13 मिनट तक रेल मंत्री को अंधेरे में ही मीडिया से बात करनी पड़ी।

 

13 मिनट तक पसरा रहा अंधेरा, हॉल छोड़कर बाहर चले गए ऊर्जा मंत्री

वीआईपी कार्यक्रम में हुई इस बिजली कटौती के बाद का घटनाक्रम काफी चर्चाओं में है:

  • अंधेरे में प्रेस कॉन्फ्रेंस: बिजली जाने के बाद कुछ देर तक तो जनरेटर या पावर बैकअप शुरू होने का इंतजार किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बिना रुके अंधेरे में ही मीडिया को संबोधित करना जारी रखा।

  • मंच से उठे ऊर्जा मंत्री: बिजली जाने के कुछ देर बाद, खुद के विभाग से जुड़ी इस बड़ी लापरवाही के बीच असहज हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर हॉल से उठकर बाहर चले गए। पूरे कार्यक्रम के दौरान कुल तीन बार बिजली गुल हुई और जब बिजली पूरी तरह वापस आ गई, तभी ऊर्जा मंत्री दोबारा हॉल के अंदर लौटे।

 

अशोक गहलोत पर रेल मंत्री का तीखा पलटवार— "तोड़फोड़ का काम तो जादूगरों का है"

इस व्यवधान के बावजूद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव अपने चिरपरिचित शांत अंदाज में नजर आए और उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के एक बयान पर बेहद तीखा और सियासी पलटवार किया:

  • 'राष्ट्र प्रथम' की नीति: रेल मंत्री ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी बहुत ही स्पष्ट और साफ-सुथरी नीति के साथ जनता का विश्वास जीतने के लिए काम करती है। हमारी पार्टी का एकमात्र लक्ष्य देश का नवनिर्माण करना है और हम केवल 'राष्ट्र प्रथम' (Nation First) के सिद्धांत पर आगे बढ़ते हैं।"

  • गहलोत पर कसा तंज: गहलोत के आरोपों का जवाब देते हुए वैष्णव ने चुटकी ली और कहा, "राजनीति में तोड़फोड़ और जोड़-तोड़ के ये काम तो जादूगरों के हैं, वे अपना जादू ही करते रहें, जनता सब जानती है।"

 

भाजपा दफ्तर की पावर सप्लाई और बैकअप पर उठे सवाल

केंद्रीय मंत्री और राज्य के ऊर्जा मंत्री की मौजूदगी में हुई इस ट्रिपिंग ने भाजपा संगठन और वीआईपी सुरक्षा के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं:

  • सुरक्षा और इंतजामों में चूक: इतने बड़े स्तर के मीडिया संवाद कार्यक्रम, जिसमें राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर का पूरा मीडिया लाइव कवरेज कर रहा हो, वहां कुल 3 बार बिजली जाना और बैकअप सिस्टम का समय पर काम न करना बड़ी लापरवाही माना जा रहा है।

  • सोशल मीडिया पर चर्चा: इस घटना के बाद से ही सियासी गलियारों और सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर काफी चर्चाएं चल रही हैं कि जब ऊर्जा मंत्री के सामने ही बिजली का यह हाल है, तो प्रदेश की आम जनता का क्या हाल होगा।

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