1984 के सिख विरोधी दंगे के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार का गुरुवार (20 अगस्त) को तिहाड़ जेल में 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सज्जन कुमार के निधन को "अपूरणीय क्षति" और उन्हें देश भर के लिए "रोल मॉडल" बता दिया। इसके साथ ही कांग्रेस नेता उदित राज ने भी इसे पार्टी के लिए बड़ी क्षति बताते हुए कहा कि उन्होंने गरीबों के लिए बहुत काम किया था। इन बयानों के सामने आने के बाद से ही सिख समाज में भारी नाराजगी है।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने किया। DSGMC के नेताओं ने कांग्रेस आलाकमान से अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है कि क्या पार्टी दंगों के दोषियों को अपना नायक मानती है।
प्रदर्शनकारी नेताओं ने कहा कि सज्जन कुमार की मौत के बाद जिस तरह कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए अपना हीरो बताया, वह बेहद आपत्तिजनक और शर्मनाक है।
सिख नेताओं ने कहा, "42 साल बीत जाने के बाद भी हमारे परिवारों के जख्म आज फिर हरे हो गए हैं और हमारी भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं को अपने इन बयानों पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।"