अजमेर/पुष्कर: कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोमवार को राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ एयरपोर्ट पहुंचे, जहां पार्टी पदाधिकारियों द्वारा उनका स्वागत किया गया। इसके बाद वे पुष्कर में आयोजित कांग्रेस के 10 दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान राहुल गांधी ने राजस्थान के 50 और दिल्ली के 15 जिला अध्यक्षों सहित प्रदेश पदाधिकारियों और उनके परिवारों से मुलाकात की।
किशनगढ़ एयरपोर्ट पर स्वागत के दौरान राहुल गांधी ने राजस्थान कांग्रेस के दो बड़े स्तंभों की पीठ थपथपाई:
शानदार जुगलबंदी: राहुल गांधी ने प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष (सीएलपी लीडर) टीकाराम जूली की जमकर तारीफ की।
दूसरों के लिए मिसाल: उन्होंने कहा कि राजस्थान में प्रदेशाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के बीच जैसा बेहतरीन और सकारात्मक तालमेल देखने को मिल रहा है, वह दूसरे राज्यों के संगठन के लिए भी एक उदाहरण है।
पुष्कर के वाइल्ड रोज रिसॉर्ट में आयोजित इस शिविर में संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ एक अनूठा पारिवारिक माहौल भी देखने को मिला:
यादगार पल: चिंतन शिविर के इस सत्र में शामिल होने के लिए सभी 65 जिला अध्यक्षों के परिवार के सदस्य भी पहुंचे थे।
फोटो सेशन: राहुल गांधी ने इन सभी परिवारों के सदस्यों से मुलाकात की, बातचीत की और उनके साथ फोटो भी क्लिक करवाई।
मुलाकात के दौरान डीडवाना-कुचामन के जिला अध्यक्ष के परिवार से आए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहम्मद रमजान ने राहुल गांधी के साथ एक पुराना और ऐतिहासिक संस्मरण साझा किया:
पुराना दौर याद किया: मोहम्मद रमजान ने राहुल गांधी को बताया कि देश में जब पहला इलेक्शन (चुनाव) हुआ था, तब उन्होंने अपने हाथों से वोटिंग पर्चियां बनाई थीं।
बीकानेर शहर अध्यक्ष मदन गोपाल ने बताया कि राहुल गांधी ने संगठन के भविष्य और कार्यशैली को लेकर बेहद स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया है:
नीति और सिद्धांत की बात: राहुल गांधी ने पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कांग्रेस की नीतियों और सिद्धांतों पर अडिग रहने की बात कही।
परफॉर्मेंस आधारित जिम्मेदारी: उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि संगठन में जो भी नेता या कार्यकर्ता अच्छा काम करेगा, भविष्य में उसका आगे प्रमोशन (तरक्की) होगा। लेकिन, जो जिम्मेदारी मिलने के बाद भी काम नहीं करेगा, उसके लिए पार्टी में दूसरा रास्ता तय होगा।