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खरगे के भाषण के बाद मंच के 'शुद्धिकरण' पर भड़के राहुल गांधी: बोले- 'यह छुआछूत और अपराध है, PM दोषियों पर कराएं FIR'

नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय (AICC) में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रोजेक्टर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संसद में दिए गए बयान का वीडियो चलाया। राहुल गांधी ने कहा कि उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष की सभा के बाद मंच का कथित शुद्धिकरण किया गया, जो संविधान के तहत छुआछूत और अपराध है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि दोषियों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत तुरंत FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।

 

हल्द्वानी सभा के बाद 'शुद्धिकरण' पर बढ़ा विवाद

यह पूरा विवाद 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आयोजित मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद शुरू हुआ:

  • आयोजकों की सफाई: सभा के दो दिन बाद कुछ संगठनों ने मैदान में हवन कर गंगाजल छिड़का और इसे शुद्धिकरण बताया। आयोजकों का दावा था कि धार्मिक मंच का इस्तेमाल राजनीतिक बयानों के लिए किया गया और मर्यादा का ध्यान नहीं रखा गया, इसलिए यह प्रक्रिया की गई। इसका जाति से कोई लेना-देना नहीं है।

  • दलित पहचान से जुड़ा मामला: मल्लिकार्जुन खरगे ने मानसून सत्र के दौरान संसद (राज्यसभा) में यह मुद्दा उठाया और इसे अपनी दलित पहचान से जोड़ते हुए SC-ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की।

  • बीजेपी-आरएसएस पर आरोप: राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को बीजेपी और आरएसएस की जातिवादी सोच और छुआछूत का प्रतीक करार दिया।

 

"देश में दो विचारधाराओं की लड़ाई, दलितों पर हो रहा अत्याचार"

प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने सामाजिक असमानता का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार को घेरा:

  • वैचारिक संघर्ष: राहुल ने कहा कि देश में आज दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई जारी है—एक तरफ भारत का संविधान है, तो दूसरी तरफ बीजेपी और आरएसएस की सोच।

  • दलितों के प्रति सोच: उन्होंने कहा कि दलितों पर सदियों से अत्याचार हो रहा है। जब भी कोई दलित आगे बढ़ता है या शीर्ष पद पर पहुंचता है, तो इस तरह की मानसिकता वाले लोग उसे स्वीकार नहीं कर पाते।

 

"हमें हमारे अध्यक्ष के लिए इंसाफ चाहिए, हर एक्शन का रिएक्शन होगा"

पत्रकार वार्ता के दौरान जब एक पत्रकार ने सवाल पूछा कि संसद मार्च पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस एफआईआर कराने थाने पहुंची थी, तो क्या इस मामले में भी ऐसा ही कोई प्लान है?

इस पर राहुल गांधी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा:

  • इंसाफ की मांग: "देखिए, हमें हमारे अध्यक्ष के लिए इंसाफ चाहिए। जो हल्द्वानी में हुआ है, वह एक अपराध (Crime) है। केंद्र और राज्य सरकार का कर्तव्य है कि खरगे जी को न्याय दिलाएं।"

  • कार्रवाई नहीं तो रिएक्शन: राहुल गांधी ने चेतावनी देते हुए कहा, "यदि सरकार उचित कार्रवाई करती है तो ठीक, लेकिन यदि कार्रवाई नहीं की गई तो हमारी तरफ से निश्चित तौर पर इसका रिएक्शन होगा। एवरी एक्शन हैज एन अपोजिट रिएक्शन।"

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