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राजस्थान: CM भजनलाल के अनूपगढ़ दौरे से पहले हाई वोल्टेज ड्रामा, काले झंडे दिखाने का ऐलान करने वाले कांग्रेस नेता थाने में बैठाए गए

अनूपगढ़: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अनूपगढ़ दौरे से ठीक पहले शहर में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। जिले की बहाली की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने की चेतावनी देने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों को पुलिस ने बातचीत के बहाने थाने बुलाकर बैठाए रखा। इस कार्रवाई पर भड़कीं स्थानीय विधायक शिमला नायक कार्यकर्ताओं के साथ खुद पुलिस थाने पहुंच गईं।

 

वार्ता के बहाने बुलाकर बैठाने का आरोप, विधायक का विरोध

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें बातचीत के बहाने पुलिस स्टेशन बुलाया और नजरबंद कर दिया। जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष साहिल कामरा, नगर कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह गिल, गुरविंदर जाखड़, जालंधर सिंह तूर और बंटी चावला समेत कई प्रमुख नेताओं को कई घंटों तक थाने में रोके रखा गया।

मामले की सूचना मिलते ही कांग्रेस विधायक शिमला नायक कार्यकर्ताओं के संग थाने पहुंचीं। उन्होंने अकेले पुलिस अधिकारियों से मिलने से इनकार करते हुए कहा कि बात होगी तो सभी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में होगी। इसके बाद डीएसपी जयप्रकाश बेनीवाल थाने के मुख्य द्वार पर आए और विधायक से चर्चा की। विधायक नायक ने पूरे घटनाक्रम से कांग्रेस जिलाध्यक्ष रूबी कुन्नर को भी अवगत कराया।

 

"अपराह्न 3:25 बजे बुलाया, रात 10 बजे जाने दिया": कांग्रेस नेता

घटनाक्रम की जानकारी देते हुए कांग्रेस नेता गुरविंदर जाखड़ ने कहा:

"हमें गुरुवार दोपहर करीब 3:25 बजे पुलिस स्टेशन वार्ता के लिए बुलाया गया था। लेकिन अंदर न तो कोई वार्ता हुई और न ही हमें वापस जाने दिया गया। रात 10 बजे जब विधायक ने कड़ा विरोध दर्ज कराया, तब जाकर हमें छोड़ा गया। यह सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है।"

 

चार सूत्रीय मांगों को लेकर समय मांगा, न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी

विधायक शिमला नायक ने पुलिस की इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन और विपक्ष पर दबाव बनाने की कोशिश करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने अनूपगढ़ को पुनः जिला बनाने की मुख्य मांग सहित चार अन्य जनहित के मुद्दों पर मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा है। यदि मुलाकात का समय नहीं दिया गया, तो कांग्रेस उग्र विरोध प्रदर्शन करेगी।

 

पुलिस का स्पष्टीकरण: "डिटेन नहीं किया, सिर्फ वार्ता के लिए बुलाया"

दूसरी तरफ, डीएसपी जयप्रकाश बेनीवाल ने कांग्रेस नेताओं के दावों को खारिज करते हुए पुलिस का पक्ष रखा:

  • प्रेस वार्ता व पोस्ट का हवाला: कांग्रेस नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री के विरोध का ऐलान सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए किया गया था।

  • कानून-व्यवस्था प्राथमिकता: शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से ही पदाधिकारियों को केवल बातचीत के लिए बुलाया गया था।

  • देरी का कारण व्यस्तता: पुलिस का शेड्यूल व्यस्त होने के कारण प्रक्रिया में अधिक समय लग गया। किसी भी नेता या कार्यकर्ता को डिटेन नहीं किया गया है।

  • प्रदर्शन न करने का आश्वासन: डीएसपी के मुताबिक, वार्ता के बाद सभी लोग थाने से चले गए और कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री की सभा के दौरान शांति बनाए रखने व प्रदर्शन न करने का आश्वासन दिया है।

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