Politics

रामपुर में सपा के दो गुट आमने-सामने, नए नेताओं की सदस्यता पर बढ़ा विवाद

उत्तर प्रदेश के रामपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) के भीतर एक बार फिर आंतरिक खींचतान खुलकर सामने आ गई है। आज़म खान गुट और सपा सांसद मोहिब्बुल्लाह नदवी गुट के बीच विवाद उस समय गहरा गया, जब शुक्रवार को सांसद मोहिब्बुल्लाह नदवी ने दिल्ली में सांसद डिंपल यादव की मौजूदगी में टांडा क्षेत्र के कुछ नेताओं को समाजवादी पार्टी की सदस्यता दिलाई। इनमें अपना दल (एस) के प्रदेश सचिव मोहम्मद वकील एडवोकेट, कुछ सभासद और अन्य स्थानीय नेता शामिल थे।

इस घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही रामपुर में आज़म खान के करीबी माने जाने वाले सपा जिला अध्यक्ष अजय सागर और नगर अध्यक्ष आसिम राजा ने प्रेस वार्ता कर इस पर कड़ी आपत्ति जताई। दोनों नेताओं ने कहा कि दूसरे दलों से आने वाले नेताओं को पार्टी में शामिल करने की एक तय संगठनात्मक प्रक्रिया होती है, जिसका इस मामले में पालन नहीं किया गया। उनका आरोप है कि जिन लोगों को सदस्यता दिलाई गई, वे पहले समाजवादी पार्टी और उसकी विचारधारा के विरोध में रहे हैं तथा चुनावों में पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ भी काम कर चुके हैं।

आसिम राजा ने कहा कि पार्टी में सदस्यता दिलाने का अधिकार संगठन और जिला अध्यक्ष के पास होता है, जबकि सांसद की भूमिका अलग होती है। उनका कहना था कि संगठन के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वार-टांडा क्षेत्र की राजनीतिक परिस्थितियों और स्थानीय नेताओं की भूमिका को पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान तथा स्थानीय संगठन बेहतर तरीके से समझते हैं।

सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि ऐसे नेताओं को शामिल करने से संगठन मजबूत होने के बजाय कमजोर होगा और कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम एवं बिखराव पैदा होगा। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से पूरे मामले का संज्ञान लेने और संगठन की निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने की मांग की।

प्रेस वार्ता के दौरान आसिम राजा ने चेतावनी दी कि रामपुर में समानांतर संगठन खड़ा करने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि रामपुर में समाजवादी पार्टी के भीतर गुटबाजी का मुद्दा अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।