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बाड़मेर में रविंद्र सिंह भाटी का महाआक्रोश: 500 गाड़ियों के काफिले के साथ कलेक्ट्रेट कूच

बाड़मेर: गिरल लिग्नाइट माइंस मामले में मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ रहे शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी मंगलवार को एक बार फिर अपने चिरपरिचित तेवरों में नजर आए। करीब 500 गाड़ियों के विशाल लश्कर के साथ बाड़मेर कलेक्ट्रेट की तरफ बढ़ रहे भाटी के काफिले को पुलिस ने शहर के बाहर ही रोक लिया, जिसके बाद विधायक अपने हजारों समर्थकों के साथ पैदल ही कलेक्ट्रेट की तरफ बढ़ गए।

 

काली फॉर्च्यूनर में सबसे आगे थे विधायक, पीछे गाड़ियों का रेला

सोमवार को किए गए वादे के मुताबिक, विधायक रविंद्र सिंह भाटी मंगलवार सुबह गिरल गांव से बाड़मेर जिला मुख्यालय के लिए रवाना हुए।

  • विशाल काफिला: भाटी अपनी काली फॉर्च्यूनर कार में सबसे आगे चल रहे थे, जबकि उनके पीछे समर्थकों की लगभग 500 गाड़ियों का लंबा काफिला चल रहा था, जिससे नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक की रफ्तार थम गई।

  • मजदूर आंदोलन का शंखनाद: भाटी ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर स्थानीय मजदूरों और गाड़ी मालिकों की मांगों को प्रशासन और कंपनी ने नहीं माना, तो वे मंगलवार को उग्र आंदोलन करेंगे।

 

पुलिस ने 1 किमी पहले बसें आड़ी खड़ी कर रोका रास्ता

कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बाड़मेर जिला पुलिस और प्रशासन ने पहले से ही तगड़ी नाकेबंदी कर रखी थी।

  • बीएसएफ गेट पर नाका: कलेक्ट्रेट से करीब 1 किलोमीटर पहले जैसलमेर रोड पर बीएसएफ (BSF) गेट के पास पुलिस ने अपनी दो बड़ी बसें आड़ी खड़ी करके पूरे रास्ते को ब्लॉक कर दिया।

  • भारी पुलिस जाब्ता: इस बैरिकेडिंग के आगे किसी भी वाहन को जाने की अनुमति नहीं दी गई। विधायक रविंद्र सिंह भाटी के काफिले को भी पुलिस ने इसी पॉइंट पर रोक लिया।

 

पैदल ही बढ़े आगे, कलेक्ट्रेट पहुंचते ही कंधे पर उठाया

गाड़ियों का काफिला रोके जाने के बाद भी विधायक और उनके समर्थकों का उत्साह कम नहीं हुआ।

  • पैदल मार्च: भाटी अपनी गाड़ी से नीचे उतरे और हजारों की संख्या में मौजूद युवाओं और मजदूरों के साथ पैदल ही कलेक्ट्रेट की तरफ कूच कर दिया।

  • कंधे पर उठाया: जैसे ही रविंद्र सिंह भाटी कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर पहुंचे, वहां पहले से मौजूद और साथ आए समर्थकों ने जोश में आकर उन्हें अपने कंधों पर उठा लिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

 

एक दिन पहले हाईकोर्ट ने दिए हैं गिरफ्तारी के आदेश

इस पूरे आंदोलन के बीच कानूनी पेच भी फंसा हुआ है। गौरतलब है कि सोमवार को ही राजस्थान हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए इस मामले में बेहद सख्त रुख अपनाया था।

  • परिवहन शुरू करने के निर्देश: हाईकोर्ट ने गिरल माइंस से लिग्नाइट का ट्रांसपोर्टेशन (परिवहन) दोबारा तुरंत शुरू करने और वाहनों को पूरी सुरक्षा देने के निर्देश जारी किए हैं।

  • गिरफ्तारी का आदेश: इसके साथ ही अदालत ने बाड़मेर एसपी और शिव थानाधिकारी को आदेश दिए हैं कि जो भी व्यक्ति माइंस के काम या गाड़ियों के परिवहन में बाधा उत्पन्न करे, उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए।

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