करौली: जिले के सकरघटा गांव में बुधवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट की प्रतिमा अनावरण समारोह और विशाल किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उमड़ी हजारों की भारी भीड़ और महिला समर्थकों के बीच कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट ने बिना नाम लिए अपने विरोधियों को आड़े हाथों लिया। वहीं, मंच से पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत को सीधे नार्को टेस्ट की चुनौती दे डाली।
किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव सचिन पायलट ने अपने चिरपरिचित अंदाज में विरोधियों पर पलटवार किया:
सच्चाई का दावा: पायलट ने कहा, "आंख में आंख डालकर देखोगे तो साफ पता चल जाएगा कि सामने वाला सच बोल रहा है या झूठ। आज भी जनता सिर्फ सच्चाई का ही साथ देती है।"
नेताओं के सम्मान की बात: उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने अपने साथ काम करने वाले सभी छोटे-बड़े नेताओं का हमेशा पूरा मान-सम्मान किया है। राजनीति में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन हमारे बीच कभी मनभेद नहीं रहे हैं।
सचिन पायलट ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राजनीति में शुचिता और जनता के प्रति जवाबदेही का संदेश दिया:
जनता सर्वोपरि: पायलट ने कहा, "मैं जिस संगठन में काम करता हूं, हमारा पहला काम पद बांटना नहीं, बल्कि जनता के हितों के लिए लड़ना है। जो नेता केवल फल प्राप्ति (पद की लालसा) के लिए काम कर रहा है, वो हमेशा दुखी ही रहेगा। जनता के बीच रहकर काम करने वाला हमेशा सुखी रहता है।"
सचिन पायलट के बाद मंच पर आए पूर्व मंत्री रमेश मीणा के तेवर बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने सीधे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुराने आरोपों को लेकर उन पर सीधा हमला बोला:
नार्को टेस्ट की खुली चुनौती: रमेश मीणा ने कहा, "अशोक गहलोत आरोप लगाते हैं कि मानेसर जाने वाले विधायकों ने 10-10 करोड़ रुपए लिए थे। मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि वे मेरा और अपना नार्को टेस्ट करवा लें, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।"
गहलोत सरकार पर लगाए आरोप: उन्होंने आगे कहा, "गहलोत साहब ने खुद बीटीपी (BTP) और अन्य विधायकों को कितने पैसे दिए, इसके सारे कागज मेरे पास मौजूद हैं।"
राहुल गांधी से अपील: मीणा ने कांग्रेस हाईकमान को संदेश देते हुए कहा कि राहुल गांधी जी, अब समय आ गया है कि आप राजस्थान का सही आकलन करें और किसी ईमानदार व सही आदमी को प्रदेश की बागडोर सौंपें।
पायलट ने अपने संबोधन में राजस्थान के साथ-साथ मध्य प्रदेश के सियासी घटनाक्रम का भी जिक्र किया और केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए:
गैर-कानूनी कार्रवाई का आरोप: उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में राज्यसभा के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पूरी तरह से गैर-कानूनी तरीके से रद्द कर दिया गया।
चुनाव आयोग पर बरसे: पायलट ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस मामले में कोई सुनवाई नहीं की। काफी देर तक जब कांग्रेस नेताओं ने धरना दिया, तब जाकर चुनाव आयोग ने उनका ज्ञापन स्वीकार किया।