श्रीगंगानगर: विधायक जयदीप बिहाणी और सहायक अभियंता (AEN) जगनलाल बैरवा के बीच हुए हिंसक टकराव के बाद सरकार एक्शन मोड में है। यूडीएच शासन सचिव रवि जैन की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने शनिवार को श्रीगंगानगर पहुंचकर घटना के तथ्यों की पड़ताल की।
जांच कमेटी शुक्रवार रात ही श्रीगंगानगर सर्किट हाउस पहुंच गई थी।
पूछताछ: शनिवार सुबह कमेटी ने विधायक जयदीप बिहाणी, AEN जगनलाल बैरवा और अन्य संबंधित अधिकारियों से लंबी बातचीत की।
रिपोर्ट: शासन सचिव रवि जैन ने स्पष्ट किया कि वे पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री को सौंपेंगे。
जांच कमेटी के सामने अपना पक्ष रखने के बाद विधायक बिहाणी ने मीडिया से बात करते हुए कड़ा रुख अपनाया:
विस्तार से बातचीत: विधायक ने कमेटी को घटना की पूरी जानकारी दी।
भ्रष्टाचार पर प्रहार: बिहाणी ने कहा कि वे शहर में हुए सभी कार्यों की जांच करवाएंगे और इसके लिए जरूरत पड़ने पर बजट की व्यवस्था कर पुराने गड्ढे भी खुदवाए जाएंगे।
गुरुवार को गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को जमानत पर छूटे अधिकारियों ने अपना पक्ष रखते हुए विधायक पर गंभीर आरोप लगाए:
मारपीट का दावा: AEN जगनलाल बैरवा ने आरोप लगाया कि विधायक ने उन्हें लातों और पाइप से पीटा।
साक्ष्य छुपाने की कोशिश: बैरवा ने दावा किया कि पुलिस को सौंपने से पहले उनकी फटी हुई शर्ट उतरवाकर उन्हें नई शर्ट पहनाई गई ताकि मारपीट का पता न चले।
जब जांच कमेटी सर्किट हाउस में पूछताछ कर रही थी, तब बाहर का माहौल काफी गरमाया रहा:
नारेबाजी: विधायक के समर्थन में वाल्मीकि समाज के सैकड़ों लोगों ने पहुंचकर अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
व्यापार मंडल की शिकायत: व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने शासन सचिव से एलएंडटी (L&T) कंपनी द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की घटिया गुणवत्ता की शिकायत की और शहर की समस्याओं से अवगत कराया।
यह विवाद गुरुवार को जनसुनवाई के दौरान शुरू हुआ था。 विधायक का आरोप था कि अधिकारियों ने उन पर हमला किया, जिससे उनकी आंख और चेहरे पर चोट आई और चश्मा टूट गया। पुलिस ने विधायक की शिकायत पर तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया था, जिन्हें बाद में जमानत मिल गई。