दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार और छात्रों के बीच सहमति बनने की दिशा में सकारात्मक प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि कुछ छात्र अभी भी धरने पर बैठे हैं, लेकिन उम्मीद है कि वे जल्द ही अपना आंदोलन समाप्त कर देंगे।
अंसारी ने कहा कि सरकार ने युवाओं के हितों को सर्वोपरि रखते हुए विवादित परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी लगातार युवाओं के मुद्दों को गंभीरता से उठाने और उनकी मांगों पर कार्रवाई करने का दबाव बना रहे थे। इसी कारण सरकार ने छात्रों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए यह बड़ा फैसला लिया।
झारखंड में परीक्षा प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं और अन्य मांगों को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे। विभिन्न छात्र संगठनों और युवाओं ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए परीक्षाओं को रद्द करने और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग उठाई थी।
सरकार द्वारा विवादित परीक्षाओं को रद्द किए जाने के बाद आंदोलनकारी छात्रों में संतोष का माहौल देखा जा रहा है। कई छात्र नेताओं ने इसे युवाओं की एकजुटता और लंबे संघर्ष का परिणाम बताया है।
मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार के फैसले के बाद धरने पर बैठे छात्र जल्द ही अपना आंदोलन समाप्त कर देंगे।
राजनीतिक रूप से भी इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से जारी छात्र आंदोलन सरकार के लिए चुनौती बना हुआ था। अब परीक्षाएं रद्द किए जाने के बाद राज्य में हालात सामान्य होने और आंदोलन के समाप्त होने की संभावना बढ़ गई है।