चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद जारी गतिरोध खत्म होता नजर आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, थलापति विजय की पार्टी TVK को अब कांग्रेस के साथ-साथ राज्य की तीन अन्य छोटी पार्टियों का समर्थन भी मिल गया है। इसके साथ ही विजय ने लगातार तीसरे दिन राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है।
234 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 118 विधायकों की जरूरत है। TVK का नया समीकरण इस प्रकार है:
TVK की सीटें: 108 (विजय एक सीट छोड़ेंगे, तो प्रभावी संख्या 107 होगी)।
कांग्रेस का समर्थन: 5 विधायक (पहले ही समर्थन दे चुके हैं)।
नया समर्थन: VCK (2), CPI (2) और CPI(M) (2) विधायक भी समर्थन को राजी हैं।
कुल योग: 118 विधायक (बहुमत के लिए पर्याप्त)।
विजय आज फिर राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर से मुलाकात करेंगे। इससे पहले 6 और 7 मई को हुई मुलाकातों में राज्यपाल ने स्पष्ट कर दिया था कि बिना 118 विधायकों के समर्थन पत्र के दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा। अब माना जा रहा है कि विजय सभी सहयोगी दलों के समर्थन पत्र के साथ राजभवन पहुंचेंगे।
सूत्रों का दावा है कि गठबंधन सरकार चलाने के लिए विजय ने सहयोगियों को कैबिनेट में जगह देने का मन बना लिया है:
VCK: एक मंत्री पद दिया जा सकता है।
वामपंथी दल: CPI और CPI(M) को मिलाकर कुल दो मंत्री पद मिल सकते हैं।
राज्य में एक चर्चा यह भी है कि TVK को रोकने के लिए चिर-प्रतिद्वंद्वी DMK और AIADMK हाथ मिला सकते हैं। इस पर TVK ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि इन दोनों दलों ने अनैतिक तरीके से सरकार बनाने का दावा पेश किया, तो TVK के सभी विधायक सामूहिक इस्तीफा दे देंगे, जिससे राज्य में संवैधानिक संकट खड़ा हो जाएगा।
कांग्रेस के विजय को समर्थन देने के बाद DMK ने बड़ा कदम उठाया है। DMK ने लोकसभा में अपने सांसदों की बैठने की जगह (सीटिंग अरेंजमेंट) बदलने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि अब कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं रहा, इसलिए सदन में उनके साथ बैठना उचित नहीं है।
शुक्रवार सुबह सरकार गठन में हो रही देरी से नाराज TVK समर्थकों ने राजभवन (लोकभवन) के बाहर जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है।