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बीकानेर के PBM हॉस्पिटल में प्रसूताओं की मौत पर हंगामा: पुलिस से भिड़े NSUI कार्यकर्ता; जूतों की माला लेकर पहुंचे थे अधीक्षक दफ्तर

बीकानेर: बीकानेर के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं (गर्भवती महिलाओं) की मौत के मामलों को लेकर छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) का गुस्सा फूट पड़ा है। शनिवार को अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और झड़प हुई। हालात इस कदर बेकाबू हो गए कि पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए हल्के बल का प्रयोग करना पड़ा। इस बीच, कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने के लिए बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली है।

 

जूतों की माला लेकर पहुंचे थे कार्यकर्ता; मुख्य दरवाजे पर पुलिस से हुई भिड़ंत

शनिवार दोपहर को अस्पताल परिसर छावनी में तब्दील हो गया, जब कार्यकर्ता सीधे प्रशासनिक भवन की ओर बढ़े:

  • अधीक्षक कार्यालय का घेराव: शनिवार दोपहर करीब 1:00 बजे एनएसयूआई के कार्यकर्ता प्रसूताओं की मौत के विरोध में आक्रोश जताते हुए अस्पताल अधीक्षक (Superintendent) के कार्यालय के बाहर पहुंचे। कार्यकर्ता अपने साथ विरोध स्वरूप जूतों की माला लेकर आए थे।

  • पुलिस ने खदेड़ा: पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कार्यकर्ताओं को अधीक्षक कार्यालय के मुख्य दरवाजे पर ही रोक लिया। जब पुलिसकर्मियों ने उन्हें पीछे की ओर धकेलने का प्रयास किया, तो एनएसयूआई कार्यकर्ता पुलिस से भिड़ गए। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तीखी झड़प और धक्का-मुक्की चलती रही। अंततः पुलिस ने हल्का बल प्रयोग (लाठीचार्ज) कर प्रदर्शनकारियों को मौके से खदेड़ दिया।

 

30 जून को बीकानेर आएंगे डोटासरा और टीकाराम जूली; कांग्रेस करेगी महाप्रदर्शन

अस्पताल में हुई मौतों और कार्यकर्ताओं पर हुए बल प्रयोग के बाद अब मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस इस मामले को लेकर पूरी तरह आक्रामक मूड में आ गई है:

  • दिग्गज नेता होंगे शामिल: देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि आगामी 30 जून को कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली बीकानेर पहुंचेंगे।

  • बीडी कल्ला भी देंगे साथ: इस बड़े विरोध प्रदर्शन में केवल प्रदेश स्तरीय नेता ही नहीं, बल्कि बीकानेर के स्थानीय कद्दावर नेता, पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला भी विशेष रूप से शामिल होंगे।

 

चिकित्सा व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल; आक्रोश में आम जनता

पीबीएम अस्पताल में लगातार सामने आ रहे प्रसूताओं की मौत के मामलों ने अस्पताल प्रशासन और संभाग की चिकित्सा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि अस्पताल के भीतर घोर लापरवाही बरती जा रही है, जिसके कारण माताओं को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। अब इस मुद्दे में छात्र संगठन और कांग्रेस के बड़े नेताओं की एंट्री के बाद प्रशासन पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भारी दबाव बन गया है।

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