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वन गुर्जर समुदाय के मुद्दों पर मंत्री सुबोध उनियाल से मिला अंतरराष्ट्रीय गुर्जर महासभा का प्रतिनिधिमंडल

देहरादून, मार्च। उत्तराखंड के माननीय वन मंत्री सुबोध उनियाल को स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने पर अंतरराष्ट्रीय गुर्जर महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल देव आनंद गुर्जर जी ने किया, जबकि उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष रफी गुर्जर, प्रदेश महामंत्री, प्रदेश उपाध्यक्ष सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

इस मुलाकात के दौरान कर्नल देव आनंद गुर्जर जी ने उत्तराखंड के वन गुर्जर समुदाय से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवासरत वन गुर्जरों को अन्य राज्यों की भांति जनजातीय आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। साथ ही वन अधिकार कानून के अंतर्गत उनके दावों को मान्यता देते हुए उन्हें टाइटल अधिकार प्रदान किए जाएं। उन्होंने यह भी मांग रखी कि वन गुर्जर समाज को स्थायी निवास, पंचायतों में मतदान का अधिकार तथा स्थानीय शासन व्यवस्था में सहभागिता सुनिश्चित की जाए।

प्रतिनिधिमंडल में सम्मिलित कैप्टन प्रकाश चंद्र, कर्नल सतीश शर्मा, नूर जेजी, शाबीना गुर्जर सहित अन्य सामाजिक प्रतिनिधियों ने प्रतिनिधिमंडल के रूप में सक्रिय भूमिका निभाई तथा मंत्री का माल्यार्पण कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और दवाइयों जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी को रेखांकित करते हुए सरकार से आग्रह किया कि इस घुमंतू वन गुर्जर समाज के समग्र विकास हेतु ठोस नीति बनाई जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि एक उच्चस्तरीय समिति का गठन कर समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कार्यवाही की जाए। मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि गुर्जर समुदाय के कल्याण के लिए गंभीर है और शीघ्र ही आवश्यक सुविधाओं को लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय गुर्जर महासभा के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रतिनिधिमंडल का धन्यवाद भी व्यक्त किया।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी उल्लेख किया कि जिस प्रकार गैंडी, खत्ता और पथरी क्षेत्रों में पुनर्वास के माध्यम से कुछ वन गुर्जर परिवारों को राहत प्रदान की गई है, उसी तर्ज पर पूरे प्रदेश के वन गुर्जर समुदाय के लिए व्यापक पुनर्वास योजना लागू की जानी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय जनता पार्टी सरकार के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि जिस प्रकार जम्मू-कश्मीर में गुर्जर-बकरवाल समुदाय को अधिकार दिए गए हैं, उसी प्रकार उत्तराखंड में भी वन गुर्जरों को समान अधिकार मिलने की पूर्ण उम्मीद है। अंत में प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री का पुनः आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि सरकार शीघ्र ही इस समुदाय की समस्याओं का समाधान कर उन्हें मुख्यधारा में जोड़ने का कार्य करेगी।