वहीं, बीजेपी के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल ने भी मोर्चा संभालते हुए डोटासरा पर बड़ा हमला बोला और उन्हें 'बेशर्म' करार दिया। दोनों दलों के शीर्ष नेताओं के बीच सोशल मीडिया और बयानों के जरिए वार-पलटवार का दौर जारी है।
दरअसल, इस पूरी जुबानी जंग की शुरुआत गोविंद सिंह डोटासरा के उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष के पद और हैसियत पर सवाल उठाए थे। डोटासरा ने मदन राठौड़ पर हमला बोलते हुए कहा था:
"मदन राठौड़ क्या चीज हैं? वे तो ऊपरी 'पर्ची' से बने हुए प्रदेशाध्यक्ष हैं। मेरे सामने वे क्या चीज हैं और मेरे से उनकी क्या तुलना हो सकती है?"
डोटासरा के 'पर्ची' वाले तंज पर बीजेपी राजस्थान ने प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का बयान अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया। मदन राठौड़ ने कहा:
हाईकमान पर तंज: "हो सकता है डोटासरा जी, आप अपने हाईकमान को धता बताकर और दरकिनार करके चुनाव जीतकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष बने होंगे।"
पेपर लीक पर घेरा: "लेकिन यह भी उतना ही सच है कि मदन राठौड़, आपकी (डोटासरा) तरह 17 बार सरकारी भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक करवाकर अपने ही नाते-रिश्तेदारों और परिजनों की नौकरियां नहीं लगवाता है। मदन राठौड़ आपकी तरह बदजुबान भी नहीं हो सकता।"
आरक्षण का मुद्दा: "मदन राठौड़ भी ओबीसी (OBC) वर्ग से आते हैं— दो बार एमएलए और वर्तमान में सांसद हैं, लेकिन वे आपकी तरह अपने बच्चों को अनुचित तरीके से ओबीसी कैटेगरी का लाभ नहीं दिलवाते हैं।"
बीजेपी राजस्थान ने अपने आधिकारिक बयान में कांग्रेस के इतिहास और राजनीति करने के तरीकों पर सवाल खड़े किए। पार्टी ने लिखा:
"कांग्रेस का हमेशा से इतिहास रहा है दूसरों की आड़ लेकर गंदी राजनीति करने का। कभी तुष्टिकरण के नाम पर, कभी किसानों की आड़ में और अब भोले-भाले छात्रों को ढाल बनाकर राजनीति की जा रही है। सच्चाई तो यह है कि देश के इतिहास में छात्रों और युवाओं के भविष्य तथा हितों पर सबसे ज्यादा कुठाराघात खुद कांग्रेस पार्टी के शासनकाल में ही हुआ है।"
इससे पहले गोविंद सिंह डोटासरा ने मदन राठौड़ के एक कथित बयान पर ऐतराज जताते हुए केंद्र सरकार और बीजेपी नेतृत्व को घेरा था। डोटासरा ने कहा:
"बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने भारत का भविष्य कही जाने वाली युवाशक्ति को 'भाड़े का टट्टू' कहा है। संभवतः मदन राठौड़ का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने के बाद या दिल्ली से कोई नई 'पर्ची' मिलने के बाद पढ़ा गया है। मोदी जी, जंतर-मंतर पर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे ये युवा भाड़े के टट्टू नहीं हैं, बल्कि ये इस देश का आने वाला भविष्य हैं।"
विवाद में कूदते हुए बीजेपी के राजस्थान प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल ने गोविंद सिंह डोटासरा का कांग्रेस शासनकाल का एक पुराना वीडियो शेयर करते हुए एक्स (X) पर तीखा हमला बोला।
अग्रवाल ने लिखा:
"कितने बेशर्म आदमी हैं गोविंद सिंह डोटासरा! जब राजस्थान में खुद शिक्षा मंत्री थे और REET परीक्षा का पेपर लीक हुआ था, तब जब इनसे नैतिकता के आधार पर इस्तीफा मांगा गया, तो इन्होंने सीनाजोरी करते हुए कहा था— 'मैं क्यों इस्तीफा दूं? मैं परीक्षा नहीं करवाता, अधिकारी करवाते हैं।' और आज वही डोटासरा पूरी बेशर्मी के साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं।"