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Anti Paper Leak Bill 2026: लोकसभा में पेपर लीक बिल पर घमासान

नई दिल्ली। लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू होने से पहले ही सियासी घमासान शुरू हो गया। कांग्रेस ने केंद्र सरकार से विधेयक पर बहस से पहले कई अहम सवालों के जवाब देने की मांग की। विपक्ष का कहना है कि केवल कानून में संशोधन करने से पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की जरूरत है।

केसी वेणुगोपाल ने सरकार से मांगा स्पष्टीकरण

कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने लोकसभा में कहा कि विधेयक पर चर्चा शुरू होने से पहले सरकार को कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता है कि सरकार पहले उन सवालों का जवाब दे, जो परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक से जुड़े हैं।

वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार की ओर से स्पष्ट जवाब मिलने के बाद ही विधेयक पर सार्थक और प्रभावी चर्चा हो सकती है।

कांग्रेस ने बिल को बताया अधूरा, सरकार पर उठाए सवाल

विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि मौजूदा संशोधन से देश की परीक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव नहीं आएगा।

गोगोई ने कहा कि सरकार इससे पहले वर्ष 2024 में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अधिनियम लेकर आई थी। उस समय भी UGC और NEET UG परीक्षाओं को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई थीं, लेकिन इसके बावजूद पेपर लीक जैसी घटनाएं नहीं रुकीं।

उन्होंने कहा कि समस्या सिर्फ कानून की नहीं है, बल्कि परीक्षा कराने की पूरी प्रक्रिया में सुधार की जरूरत है।

NEET UG 2024 पेपर लीक मामले का मुद्दा उठाया

लोकसभा में चर्चा के दौरान गौरव गोगोई ने NEET UG 2024 पेपर लीक मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि एक रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में आरोपपत्र दाखिल किए गए 45 आरोपियों में से 44 को जमानत मिल चुकी है।

गोगोई ने सवाल उठाया कि अगर वर्ष 2024 का कानून प्रभावी था तो उसके बाद भी पेपर लीक की घटनाएं कैसे सामने आईं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में अपनी स्थिति देश के सामने स्पष्ट करनी चाहिए।

उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के उस पुराने बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने पेपर लीक के आरोपों पर सवाल उठाए थे। गोगोई ने कहा कि छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

'माता-पिता ने भविष्य के लिए बच्चों को आंदोलन में भेजा'

कांग्रेस सांसद ने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ हुए आंदोलनों में शामिल छात्रों को उनके परिवारों का समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि कई अभिभावकों ने अपने बच्चों को इसलिए आंदोलन में भेजा क्योंकि यह उनके भविष्य और करियर का सवाल था।

गोगोई ने कहा कि देशभर के युवाओं ने पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर आवाज उठाई है। सरकार को इस आंदोलन के संदेश को गंभीरता से लेना चाहिए और केवल कानून में बदलाव करने के बजाय शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करने की दिशा में काम करना चाहिए।

सरकार का दावा- पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत होगा कानून

वहीं सरकार का पक्ष है कि संशोधन विधेयक का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्ती बढ़ाना है। सरकार का कहना है कि नए प्रावधानों से परीक्षा प्रणाली को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सकेगा।

लोकसभा में इस विधेयक पर लंबी चर्चा की संभावना है, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच परीक्षा सुधारों को लेकर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।