प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय शोरूम की ऊपरी मंजिल से अचानक धुएं का घना गुबार उठता दिखाई दिया। कुछ ही देर में आग तेजी से फैलने लगी। धुआं दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। दमकल कर्मियों ने लगातार पानी की बौछार कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। चूंकि गोदाम में बड़ी संख्या में जूते और अन्य ज्वलनशील सामग्री रखी हुई थी, इसलिए आग तेजी से फैल गई। राहत की बात यह रही कि समय रहते आग को आसपास की दुकानों और इमारतों तक फैलने से रोकने के प्रयास शुरू कर दिए गए।
फायर ब्रिगेड की टीम ने शोरूम के अंदर और आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। समाचार लिखे जाने तक आग पूरी तरह बुझाई नहीं जा सकी थी और राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी था। अधिकारियों का कहना है कि आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद ही नुकसान का सही आकलन किया जा सकेगा।
प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस अग्निकांड में लाखों रुपये का सामान जलकर नष्ट हो गया है। हालांकि, अभी तक किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन ने इसे राहत की बात बताया है और पूरे मामले पर नजर बनाए रखी है।
घंटाघर और जवाहर गेट क्षेत्र गाजियाबाद के सबसे व्यस्त बाजारों में शामिल हैं। यहां जूते, कपड़े और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों की बड़ी संख्या है। ऐसे में आग लगने की खबर मिलते ही आसपास के दुकानदारों में भी चिंता बढ़ गई। एहतियात के तौर पर आसपास के कुछ प्रतिष्ठानों को खाली कराया गया ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट सहित अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है, लेकिन अधिकारियों ने अभी किसी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फायर ब्रिगेड और पुलिस की संयुक्त टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
अधिकारियों ने बताया कि आग पूरी तरह बुझने के बाद घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग किन परिस्थितियों में लगी और इससे कितना आर्थिक नुकसान हुआ। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित बनाए रखने की है।