जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में क्रिकेट का जुनून शनिवार को उस समय बवाल में बदल गया, जब राजस्थान रॉयल्स (RR) के मैच की टिकटें खरीदने आए युवाओं का धैर्य जवाब दे गया। घंटों लाइन में लगने के बाद भी टिकट न मिलने से नाराज दर्शकों ने जमकर तोड़फोड़ की, जिसे शांत कराने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
शनिवार सुबह से ही स्टेडियम के बाहर टिकट लेने वालों की लंबी कतारें लगी थीं। जब टिकट काउंटर से 'सोल्ड आउट' की सूचना मिली, तो युवाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया।
तोड़फोड़: प्रदर्शनकारी युवाओं ने स्टेडियम के गेट पर लगे राजस्थान रॉयल्स के पोस्टर और बैनर फाड़ दिए।
हंगामा: गुस्से में कुछ लोगों ने वहां रखी लोहे की बैंचों को उठाकर पटक दिया और क्रिकेट प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
हंगामे की सूचना मिलते ही डीसीपी (साउथ) ललित किशोर शर्मा भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे।
समझाइश विफल: पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब भीड़ बेकाबू होने लगी और पथराव जैसी स्थिति बनी, तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग (लाठीचार्ज) कर भीड़ को वहां से खदेड़ा। इस कार्रवाई के दौरान एक बारगी पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
टिकट खरीदने आए दर्शकों ने आयोजन व्यवस्था पर भ्रष्टाचार और कालाबाजारी के गंभीर आरोप लगाए हैं।
ब्लैक मार्केटिंग: फैंस का कहना है कि खिड़की पर आम जनता को टिकट नहीं मिल रहे, जबकि दलालों के पास टिकट आसानी से उपलब्ध हैं।
फैंस का सवाल: लोगों ने पूछा कि यदि टिकट पहले ही खत्म हो चुके थे, तो स्टेडियम के बाहर इतनी लंबी लाइन क्यों लगवाई गई और लोगों को घंटों धूप में क्यों खड़ा रखा गया?
टिकट के लिए लाइन में खड़ी शकुंतला नाम की महिला ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा— "पिछले दो दिनों से मेरे बच्चे टिकट के लिए भटक रहे हैं। आज मैं खुद आई थी कि शायद टिकट मिल जाए, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। ऑनलाइन टिकट इतने महंगे हैं कि आम आदमी खरीद नहीं सकता, और यहां ऑफलाइन में कोई पारदर्शिता नहीं है।"
राजस्थान रॉयल्स का इस सीजन में प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है और टीम पॉइंट्स टेबल में टॉप पर बनी हुई है।
घरेलू मैदान का क्रेज: जयपुर के फैंस अपनी घरेलू टीम को खेलते देखने के लिए बेताब हैं।
सीमित स्टॉक: मैच की अधिकांश टिकटें दो दिन पहले ही बिक चुकी थीं। अब केवल कुछ प्रीमियम टिकट ही बचे हैं, जिन्हें हासिल करने के लिए हजारों की संख्या में लोग स्टेडियम पहुँच रहे हैं, जिससे अव्यवस्था फैल रही है।