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काबुल में हुए हवाई हमलों को लेकर अफगान क्रिकेटरों ने कड़ी नाराजगी और गुस्सा व्यक्त किया

हाल ही में काबुल में हुए हवाई हमलों को लेकर अफगान क्रिकेटरों ने कड़ी नाराजगी और गुस्सा व्यक्त किया है, जिसमें कई नागरिकों के हताहत होने की खबरें हैं. इन हमलों के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया गया है.

प्रमुख अफगान क्रिकेटरों ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं, जिनमें राशिद खान, मोहम्मद नबी, इब्राहिम जादरान, अजमतुल्लाह उमरजई और नवीन-उल-हक शामिल हैं:
राशिद खान ने इन हमलों को "युद्ध अपराध" बताया है और संयुक्त राष्ट्र तथा अन्य मानवाधिकार एजेंसियों से इस "अत्याचार" की गहन जांच करने और दोषियों को जवाबदेह ठहराने का आग्रह किया है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिक घरों, शैक्षणिक सुविधाओं या चिकित्साB बुनियादी ढांचे को जानबूझकर या गलती से निशाना बनाना एक युद्ध अपराध है, खासकर रमजान के पवित्र महीने में यह बेहद घृणित है.
मोहम्मद नबी ने एक भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि "आज रात काबुल में एक अस्पताल में उम्मीद बुझ गई" और युवा लड़के जो इलाज करा रहे थे, उन्हें "पाकिस्तानी सैन्य शासन द्वारा बमबारी में मार दिया गया". उन्होंने माताओं के दुख का भी जिक्र किया जो अस्पताल के गेट पर अपने बेटों के नाम पुकार रही थीं.
नवीन-उल-हक ने कथित तौर पर फेसबुक पर लिखा है कि "इजराइल और पाकिस्तान के बीच कोई भी फर्क ढूंढना मुश्किल है".
इब्राहिम जादरान ने काबुल में हुए "जबरदस्त धमाके" और अस्पताल से उठती आग की लपटों का जिक्र करते हुए मृतकों के लिए न्याय की प्रार्थना की है.
अजमतुल्लाह उमरजई ने भी काबुल में हुए "जोरदार धमाके" और एक अस्पताल पर पाकिस्तानी हवाई हमलों के बाद आग की लपटों को देखने का उल्लेख किया, और कहा कि काबुल दर्द में है और न्याय व शांति के लिए प्रार्थना करता है.

अफगान अधिकारियों के अनुसार, सोमवार रात (16 मार्च, 2026) काबुल में एक ड्रग पुनर्वास अस्पताल को निशाना बनाया गया था, जिसमें कम से कम 400 लोगों की मौत हो गई और 250 से अधिक घायल हो गए. हालांकि, पाकिस्तान ने किसी भी अस्पताल को निशाना बनाने से इनकार किया है और कहा है कि उसके हमले केवल सैन्य प्रतिष्ठानों को लक्ष्य करके किए गए थे.