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2027 वनडे वर्ल्ड कप में तीन बार हो सकती है भारत-पाकिस्तान की भिड़ंत, नए फॉर्मेट ने बढ़ाई रोमांच की संभावना

नई दिल्ली। क्रिकेट जगत में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला हमेशा सबसे चर्चित और बहुप्रतीक्षित मैचों में गिना जाता है। दोनों देशों के बीच राजनीतिक संबंधों के कारण लंबे समय से द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज नहीं खेली जाती, इसलिए दोनों टीमें केवल आईसीसी और एशियाई टूर्नामेंटों में ही आमने-सामने आती हैं। अब 2027 में होने वाले आईसीसी वनडे विश्व कप को लेकर ऐसी संभावना जताई जा रही है कि टूर्नामेंट के नए प्रारूप (फॉर्मेट) के कारण भारत और पाकिस्तान के बीच एक नहीं, बल्कि तीन मुकाबले देखने को मिल सकते हैं।

आईसीसी ने 2027 विश्व कप के लिए नया प्रतियोगिता प्रारूप तैयार किया है, जिसने क्रिकेट जगत में चर्चा छेड़ दी है। माना जा रहा है कि इस नए फॉर्मेट से बड़े मुकाबलों की संख्या बढ़ सकती है और यदि दोनों टीमें अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ती हैं, तो भारत और पाकिस्तान तीन बार आमने-सामने आ सकते हैं। हालांकि यह पूरी तरह दोनों टीमों के प्रदर्शन और उनके अगले दौर में पहुंचने पर निर्भर करेगा।

2027 विश्व कप में टीमों की संख्या 2023 के 10 टीमों वाले प्रारूप से बढ़ाकर 14 कर दी गई है। पहली नजर में यह फैसला प्रतियोगिता को अधिक समावेशी बनाने वाला लगता है, लेकिन क्रिकेट विशेषज्ञों का एक वर्ग मानता है कि नए फॉर्मेट में कई ऐसे चरण जोड़े गए हैं, जिनसे छोटी और एसोसिएट टीमों के लिए आगे बढ़ना पहले की तुलना में अधिक कठिन हो सकता है।

नए नियमों के अनुसार रैंकिंग में सबसे नीचे रहने वाली तीन टीमें मुख्य प्रतियोगिता शुरू होने से पहले एक त्रिकोणीय मुकाबला खेलेंगी। इन तीन टीमों में से केवल एक टीम ही मुख्य चरण में जगह बना सकेगी। ऐसे में तकनीकी रूप से भले ही टूर्नामेंट में 14 टीमों का प्रावधान हो, लेकिन मुख्य दौर में प्रभावी रूप से 12 टीमें ही प्रतिस्पर्धा करती नजर आएंगी।

इसके बाद इन 12 टीमों के बीच प्रारंभिक चरण के मुकाबले खेले जाएंगे। पहले दौर के बाद केवल सात टीमें अगले चरण में प्रवेश करेंगी, जिसे 'सुपर सेवन' नाम दिया गया है। इस चरण में शीर्ष सात टीमें आपस में मुकाबला करेंगी और यहीं से सेमीफाइनल की तस्वीर साफ होगी। इसी बहु-स्तरीय फॉर्मेट के कारण यदि भारत और पाकिस्तान एक ही समूह में हों, फिर दोनों 'सुपर सेवन' में पहुंचें और बाद में नॉकआउट चरण में भी आमने-सामने आ जाएं, तो दोनों टीमों के बीच अधिकतम तीन मुकाबले संभव हो सकते हैं।

क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले दुनिया के सबसे अधिक देखे जाने वाले क्रिकेट मैचों में शामिल हैं। इन मैचों की टीवी व्यूअरशिप, डिजिटल दर्शक संख्या और विज्ञापन राजस्व अन्य मुकाबलों की तुलना में कहीं अधिक होता है। यही वजह है कि टूर्नामेंट के प्रारूप को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं।

कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि नए फॉर्मेट से भारत-पाकिस्तान जैसे बड़े मुकाबलों की संभावना बढ़ती है। हालांकि आईसीसी ने आधिकारिक रूप से यह नहीं कहा है कि फॉर्मेट में बदलाव किसी विशेष टीम या मुकाबले को ध्यान में रखकर किया गया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद का कहना है कि प्रतियोगिता का उद्देश्य प्रतिस्पर्धा को संतुलित रखना और विश्व कप को अधिक रोमांचक बनाना है।

दूसरी ओर, आलोचकों का मानना है कि क्रिकेट को अधिक देशों तक पहुंचाने के लिए एसोसिएट टीमों को बड़े मंच पर ज्यादा अवसर मिलने चाहिए। उनका तर्क है कि यदि विश्व कप में टीमों की संख्या बढ़ाई भी जाती है, लेकिन कठिन क्वालिफिकेशन और जटिल प्रारूप के कारण नई टीमों की राह मुश्किल बनी रहती है, तो विस्तार का उद्देश्य पूरी तरह पूरा नहीं हो पाएगा।

फिलहाल 2027 विश्व कप का नया प्रारूप क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है। क्रिकेट प्रेमियों की सबसे ज्यादा दिलचस्पी इस बात में है कि क्या टूर्नामेंट में वास्तव में भारत और पाकिस्तान के बीच तीन हाई-वोल्टेज मुकाबले देखने को मिलेंगे। यदि ऐसा होता है तो यह विश्व कप के सबसे बड़े आकर्षणों में से एक साबित हो सकता है।