बाढ़ के बाद से ही प्रभावित इलाकों में बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं:
विदेशी पर्यटकों की तलाश: नेपाल के पर्यटन विभाग के अनुसार, वर्तमान में 384 लोग लापता हैं, जिनमें 291 विदेशी नागरिक शामिल हैं।
कैलाश मानसरोवर यात्री: लापता विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर श्रद्धालु तिब्बत में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे थे।
बाढ़ के कारण नेपाल के जलविद्युत क्षेत्र को भारी आर्थिक और ढांचागत क्षति हुई है:
प्रभावित परियोजनाएं: शुरुआती जानकारी के अनुसार रसुवा और नुवाकोट जिलों में कम से कम 13 चालू व निर्माणाधीन हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स बाढ़ की चपेट में आए हैं।
60 लोग लापता: 20 मेगावाट क्षमता वाली निर्माणाधीन 'लांगटांग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट' का पावरहाउस बाढ़ के तेज बहाव में पूरी तरह बह गया है, जहां से 60 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
तिब्बत क्षेत्र में आई इस आपदा के बाद चीनी प्रशासन भी अलर्ट पर है:
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
जवान तैनात: लापता लोगों की तलाश और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए 145 पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों के जवानों को तुरंत प्रभावित इलाकों में भेजा गया है।
बाढ़ में फंसे यात्रियों, भारतीय नागरिकों की मदद और परिजनों को जानकारी देने के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं:
भारतीय दूतावास (काठमांडू) इमरजेंसी नंबर: * +977 985 131 6807
+977 970 910 7500
नेपाल टूरिज्म बोर्ड एवं पुलिस हेल्पलाइन:
टोल-फ्री नंबर: 1234
हॉटलाइन: 1144
टूरिस्ट पुलिस नंबर: +977 9851289445