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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के तेल और ऊर्जा ठिकानों पर हमला न करने के लिए पांच दिन का समय दिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के तेल और ऊर्जा ठिकानों पर हमला न करने के लिए पांच दिन का समय दिया था, जिसकी समय सीमा शुक्रवार को समाप्त हो रही है. इस बीच, अमेरिका द्वारा ईरान के खार्ग द्वीप पर जमीनी हमले (ग्राउंड इनवेजन) की आशंका जताई जा रही है. इसके जवाब में, ईरान ने बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट को बंद करने की चेतावनी दी है, जो लाल सागर का प्रवेश बिंदु है और इसे अरब सागर से जोड़ता है.

बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण शिपिंग मार्गों में से एक है, जहाँ से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 12% और प्रतिदिन लगभग 45 लाख बैरल तेल गुजरता है. स्वेज नहर तक जाने वाले जहाज इसी रास्ते से गुजरते हैं, और यह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा शिपिंग रूट है. यह यूरोप, एशिया और मिडिल ईस्ट को जोड़ने वाला एक अहम समुद्री रास्ता है, जिससे हर साल लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर का सामान गुजरता है. अफ्रीकी देश जिबूती में स्थित अमेरिकी सैन्य बेस इस स्ट्रेट से सिर्फ 30 किमी दूर है.

हालांकि, बाब-अल-मंदेब को बंद करना ईरान के लिए आसान नहीं है क्योंकि यह स्ट्रेट ईरान से लगभग 2500 किमी दूर है. लेकिन यह यमन के पास स्थित है, जहाँ ईरान समर्थित हूती विद्रोही मौजूद हैं. गाजा युद्ध के दौरान हूतियों ने ड्रोन और मिसाइलों से जहाजों को निशाना बनाया था, जिससे रेड सी का ट्रैफिक प्रभावित हुआ था.

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर अब ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है. आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) के अनुसार, इस वजह से ब्रिटेन में आर्थिक वृद्धि धीमी रहेगी और महंगाई बढ़ेगी. OECD का अनुमान है कि इस साल ब्रिटेन में महंगाई दर लगभग 4% रह सकती है, जो G7 देशों में दूसरी सबसे ज्यादा होगी. पिछले साल यानी 2025 में ब्रिटेन की औसत महंगाई दर लगभग 3.2% रही थी. अनुमान के मुताबिक, इस साल अमेरिका में महंगाई दर लगभग 4.2% रहने की उम्मीद है. संगठन ने यह भी कहा है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के विकास अनुमान को भी कम कर दिया गया है.

ईरान के एक सैन्य कमांडर ब्रिगेडियर जनरल अली जहानशाही ने गुरुवार को चेतावनी दी कि अमेरिका और इजरायल के लिए जमीनी युद्ध कहीं ज्यादा खतरनाक और महंगा साबित होगा. ईरानी मीडिया के मुताबिक, जहानशाही ने कहा कि सीमाओं पर दुश्मन की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और ईरान किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने जोर दिया कि ईरान की जमीन का एक-एक इंच सुरक्षित है. यह बयान ऐसे समय आया है जब खबरें हैं कि ट्रंप सरकार ईरान पर दबाव बनाने के लिए फारस की खाड़ी में स्थित खार्ग द्वीप पर कब्जा करने की सोच रही है, ताकि होर्मुज को फिर से खोला जा सके. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने हाल के हफ्तों में खार्ग द्वीप पर अतिरिक्त सैनिक और एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए हैं और अपनी तैयारी बढ़ा दी है.