इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनका देश किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है और आवश्यकता पड़ने पर इजराइल दोबारा सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
इजराइली वायुसेना के एक समारोह को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा, "अगर हमने समय रहते कार्रवाई नहीं की होती, तो ईरान अब तक परमाणु हथियार बना चुका होता।" वहीं, इजराइली मीडिया की कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इजराइल ईरान पर एक और हमले की तैयारी कर रहा है, हालांकि अंतिम मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।
उधर, ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, देश के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई शनिवार को पहली बार सार्वजनिक रूप से नजर आ सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि वे कोम स्थित हजरत मासूमेह दरगाह में अपने पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की शोकसभा का नेतृत्व करेंगे।
पिछले 24 घंटे के प्रमुख घटनाक्रम
ईरान के एक अधिकारी के अनुसार, अमेरिका ने बुशहर परमाणु ठिकाने के पास हवाई हमला किया। अधिकारी का दावा है कि हमले में परमाणु सुविधा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
ईरान ने दावा किया कि उसने अमेरिकी हमलों के जवाब में बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। संबंधित देशों ने कई मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है।
ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने उत्तरी ईरान में चीन और रूस से जुड़े एक रणनीतिक रेलवे पुल पर क्रूज मिसाइल से हमला किया। ईरान ने इसे युद्ध अपराध बताया है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी और कच्चे तेल की कीमतों में करीब 1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, संभावित अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी की आशंका के बीच ईरान ने एक ही रात में लगभग 1 करोड़ बैरल कच्चा तेल और फ्यूल ऑयल निर्यात के लिए रवाना किया।