World

'कॉकरोच जनता पार्टी' अकाउंट ब्लॉकिंग मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और 'X' को जारी किया नोटिस

दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके की उस याचिका पर केंद्र सरकार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है, जिसमें CJP के अकाउंट को ब्लॉक करने के फैसले को चुनौती दी गई है। हालांकि, अदालत ने फिलहाल इस अकाउंट को तुरंत बहाल करने का कोई भी अंतरिम आदेश देने से साफ मना कर दिया है।

 

"दूरगामी परिणाम हो सकते हैं", इसलिए सरकार का पक्ष सुनना जरूरी

मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव की एकल पीठ ने इस कानूनी लड़ाई के व्यापक पहलुओं पर अपनी टिप्पणी दी:

  • चार सप्ताह का समय: अदालत ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार का पक्ष सुने बिना अकाउंट चालू करने का कोई भी एकतरफा आदेश नहीं दिया जा सकता, क्योंकि ऐसे मामलों के डिजिटल जगत में व्यापक प्रभाव और दूरगामी परिणाम होते हैं।

  • अगली सुनवाई 6 जुलाई को: हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है और इस मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई 2026 को तय की है।

 

क्या है 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) और क्यों है चर्चा में?

'कॉकरोच जनता पार्टी' हाल ही में सोशल मीडिया पर तेजी से उभरा एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है:

  • सीजेआई की टिप्पणी के बाद आया वजूद में: CJP का गठन भारत के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत द्वारा हाल ही में की गई 'कॉकरोच' संबंधी एक टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पहल के रूप में हुआ था।

  • करोड़ों में हैं फॉलोवर्स: सोशल मीडिया पर इस प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार दोपहर 3:00 बजे तक CJP के इंस्टाग्राम (Instagram) हैंडल पर 2.25 करोड़ (22.5 मिलियन) फॉलोवर्स दर्ज किए जा चुके हैं।

 

हाईकोर्ट का निर्देश: 'रिव्यू कमेटी' करे ब्लॉकिंग ऑर्डर की समीक्षा

अदालत ने इस मामले में वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करने की बात कहते हुए ब्लॉकिंग ऑर्डर की समीक्षा कराने का निर्देश दिया है:

  • कमेटी करेगी जांच: बेंच ने कहा कि स्थापित नियमों के तहत गठित रिव्यू कमेटी हर दो महीने में बैठक करती है। इस कमेटी को ब्लॉकिंग आदेश के सभी तकनीकी और कानूनी पहलुओं की जांच करने का पूरा अधिकार है।

  • बोस्टन से वर्चुअली जुड़ सकेंगे संस्थापक: अदालत ने कहा कि रिव्यू कमेटी अपना निर्णय रिकॉर्ड पर रखेगी। इस बीच, वर्तमान में अमेरिका के बोस्टन में रह रहे CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वर्चुअल माध्यम) के जरिए इस कमेटी के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखने का अनुरोध कर सकते हैं।

 

"CJP सिर्फ एक राजनीतिक-सामाजिक व्यंग्य है, पूरा अकाउंट बंद करना गलत" — याचिकाकर्ता

अभिजीत दिपके की ओर से अदालत में दलील दी गई कि उनके इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य किसी की भावनाएं आहत करना नहीं है:

  • सटायर आधारित पहल: याचिकाकर्ता का कहना है कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' पूरी तरह से राजनीतिक और सामाजिक व्यंग्य (सटायर) पर आधारित एक रचनात्मक पहल है।

  • अकाउंट बहाली की मांग: उन्होंने तर्क दिया कि यदि सरकार या प्लेटफॉर्म को किसी विशेष पोस्ट पर आपत्ति थी, तो सिर्फ उस कंटेंट या पोस्ट को डिलीट या ब्लॉक किया जा सकता था। इसके लिए पूरे के पूरे अकाउंट को हमेशा के लिए बंद कर देना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने पुराने मामलों का हवाला देते हुए कहा कि पहले भी अदालतों ने ऐसी राहतें दी हैं।

 

"अभी ब्लॉकिंग की असली वजह साफ नहीं" — दिल्ली हाईकोर्ट

याचिकाकर्ता की दलीलों पर कोर्ट ने वर्तमान कानून की स्थिति को रेखांकित करते हुए कहा:

  • शुरुआती दौर में है कानून: अदालत ने कहा कि सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक करने और इंटरनेट सेंसरशिप से जुड़े इस क्षेत्र में कानून अभी अपने शुरुआती (इवोल्यूशनरी) दौर में है।

  • वजह अज्ञात: वर्तमान में ब्लॉकिंग ऑर्डर की मुख्य वजह क्या है, यह न तो याचिकाकर्ता ने देखा है और न ही अदालत के सामने अभी स्पष्ट है। कोर्ट ने यह भी कहा कि जिन पुराने मामलों का उदाहरण दिया गया है, वे इस केस से अलग थे; क्योंकि वहां कुछ चुनिंदा पोस्ट विवादित थीं, जबकि यहां पूरे अकाउंट की गतिविधियों और उसके स्वरूप पर सवाल खड़े किए गए हैं।

Similer Posts