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बंगाल चुनाव के पहले चरण में भारी बवाल: मुर्शिदाबाद से सिलीगुड़ी तक BJP-TMC में झड़प

कोलकाता/मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए गुरुवार को 152 सीटों पर मतदान हुआ। इस दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में चुनावी हिंसा का पुराना दौर फिर से देखने को मिला। भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़पों में कई लोग घायल हुए हैं, जबकि प्रत्याशियों को भी निशाना बनाया गया।

 

कुमारगंज: भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु सरकार पर हमला

दक्षिण मिदनापुर की कुमारगंज सीट पर स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु सरकार पर हमला हुआ।

  • मैदान में भगदड़: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सुवेंदु भीड़ से बचने के लिए भागते हुए दिखाई दिए। सुरक्षा घेरे में होने के बावजूद भीड़ ने उन्हें पीटा।

  • एक्शन: चुनाव आयोग ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए वीडियो फुटेज के आधार पर हमलावरों की तुरंत गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। सुवेंदु को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

 

आसनसोल: अग्निमित्रा पॉल की कार पर पथराव

आसनसोल साउथ सीट से भाजपा प्रत्याशी और मौजूदा विधायक अग्निमित्रा पॉल को भी भारी विरोध का सामना करना पड़ा।

  • कार पर हमला: बर्नपुर के रहमतनगर इलाके में जब उनका काफिला गुजर रहा था, तब उनकी गाड़ी पर पत्थरों और लाठियों से हमला किया गया। हमले में कार का पिछला शीशा पूरी तरह टूट गया।

  • बयान: अग्निमित्रा ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए कहा कि टीएमसी हार के डर से हिंसा का सहारा ले रही है।

 

मुर्शिदाबाद: बमबाजी और हुमायूं कबीर का घेराव

मुर्शिदाबाद जिले के नौदा में मतदान से पहले ही माहौल खराब हो गया था।

  • देसी बम फेंके गए: बुधवार देर रात इलाके में देसी बम फेंके गए, जिसमें कई ग्रामीणों के घायल होने की खबर है।

  • AJUP चीफ के साथ झड़प: गुरुवार सुबह जब 'आम जनता उन्नयन पार्टी' (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर घटनास्थल पर पहुंचे, तो टीएमसी कार्यकर्ताओं ने 'गो बैक' के नारे लगाए। इसके बाद दोनों पक्षों में हिंसक झड़प और पथराव हुआ। पुलिस को स्थिति नियंत्रण में करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा।

 

सिलीगुड़ी: पोलिंग बूथ के बाहर कार्यकर्ताओं में भिड़ंत

सिलीगुड़ी में भी भाजपा और टीएमसी के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए।

  • बहस और मारपीट: जगदीश चंद्र विद्यापीठ स्थित बूथ के बाहर भाजपा प्रत्याशी शंकर घोष की मौजूदगी में दोनों पार्टियों के समर्थकों में तीखी बहस हुई, जो जल्द ही धक्का-मुक्की और मारपीट में बदल गई। सुरक्षाबलों ने हस्तक्षेप कर भीड़ को तितर-बितर किया।

 

चुनाव आयोग की रिपोर्ट और सुरक्षा व्यवस्था

पहले चरण के मतदान के दौरान हुई इन हिंसक घटनाओं पर चुनाव आयोग ने संबंधित जिलाधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। राज्य में संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय सुरक्षाबलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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