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वेनेजुएला में महाविनाश: 39 सेकेंड में आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भीषण भूकंप; अब तक 164 मौतें

कराकस/नई दिल्ली: दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप के प्रमुख देश वेनेजुएला में बुधवार शाम (स्थानीय समयानुसार शाम 6:04 और 6:05 बजे) आए दो प्रलयकारी भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है। पहला झटका 7.2 और ठीक 39 सेकेंड बाद दूसरा झटका 7.5 की अत्यंत तीव्र श्रेणी का रिकॉर्ड किया गया। जिस समय वेनेजुएला में यह आपदा आई, उस वक्त भारत में गुरुवार तड़के के 3:34 और 3:35 बज रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मुख्य झटकों के बाद करीब 60 सेकेंड तक धरती लगातार डोलती रही, जिससे चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।

 

राष्ट्रीय अवकाश के दिन आई आपदा; घरों में मौजूद थे अधिकांश लोग

भूकंप की टाइमिंग ने इस आपदा के असर को और ज्यादा घातक बना दिया:

  • ऐतिहासिक दिन पर त्रासदी: यह विनाशकारी भूकंप ऐसे दिन आया जब पूरे वेनेजुएला में राष्ट्रीय अवकाश (National Holiday) था। साल 1821 में स्पेन के खिलाफ आजादी की लड़ाई में मिली ऐतिहासिक जीत की वर्षगांठ के मौके पर देश के सभी स्कूल, कॉलेज और दफ्तर पूरी तरह बंद थे।

  • घरों में कैद थीं जिंदगियां: छुट्टी का दिन होने के कारण ज्यादातर नागरिक अपने-अपने परिवारों के साथ घरों के भीतर ही मौजूद थे। यही वजह है कि अचानक ढही इमारतों के मलबे में बड़ी संख्या में लोग दब गए।

 

अब तक 164 शव बरामद, करीब 1,000 घायल; अमेरिकी एजेंसी की खौफनाक चेतावनी

अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों और वैज्ञानिक संस्थाओं ने नुकसान को लेकर बेहद चिंताजनक आंकड़े जारी किए हैं:

  • हताहतों का आंकड़ा: समाचार एजेंसी 'एपी' (AP) की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, मलबे से अब तक 164 शवों को निकाला जा चुका है और उनकी मौत की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा 971 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

  • 1 लाख मौतों की आशंका: अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के खतरनाक अनुमान ने दुनिया को चौंका दिया है। एजेंसी के मुताबिक, इस भूकंप की विभीषिका को देखते हुए 10 हजार से ज्यादा लोगों के मारे जाने की 44% आशंका है, जबकि मृतकों का आंकड़ा 1 लाख के पार जाने की भी 30% आशंका जताई गई है।

 

राजधानी कराकस से 290 किमी दूर था केंद्र; ताश के पत्तों की तरह ढहीं इमारतें

भूकंप का केंद्र मुख्य रिहाइशी इलाकों के नजदीक होने से बर्बादी का मंजर भयावह है:

  • बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान: भूगर्भ वैज्ञानिकों के अनुसार, दोनों बड़े भूकंपों का केंद्र राजधानी कराकस से करीब 290 किलोमीटर पश्चिम में था। इसके प्रभाव से कई प्रमुख शहरों में बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह जमींदोज हो गईं, जबकि सैकड़ों इमारतें खतरनाक तरीके से एक तरफ झुक गई हैं।

  • एयरपोर्ट की छत गिरी: भूकंप के तेज झटकों के कारण कराकस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Airport) की छत का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। घटना के बाद पूरे रनवे और टर्मिनल परिसर में धूल का गुबार छा गया, जिसके चलते उड़ानों को तुरंत रोकना पड़ा।

 

थम नहीं रही धरती की कंपन; 20 से ज्यादा 'आफ्टरशॉक्स' ने बढ़ाई दहशत

मुख्य भूकंप के बाद भी वेनेजुएला की धरती लगातार कांप रही है, जिससे बचाव कार्य में बाधा आ रही है:

  • दहशत में लोग: मुख्य भूकंप के बाद अब तक 20 से ज्यादा 'आफ्टरशॉक्स' (भूकंप के बाद के हल्के झटके) दर्ज किए जा चुके हैं। बार-बार आ रहे इन झटकों के डर से लोग अपने बचे-कुचे मकानों के अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं और कड़कड़ाती ठंड व खुले आसमान के नीचे सड़कों पर रात बिताने को मजबूर हैं। राहत और बचाव दल मलबे में दबे जीवित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर ऑपरेशन्स चला रहे हैं।

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