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NEET (UG) 2026 रद्द: 22.79 लाख छात्रों को फिर देनी होगी परीक्षा, पेपर लीक की जांच CBI को सौंपी

दिल्ली: नीट (UG) 2026 परीक्षा की शुचिता पर उठे सवालों के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मंगलवार को NTA ने 3 मई को आयोजित हुई परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने की घोषणा की। अब यह परीक्षा नए सिरे से आयोजित की जाएगी, जिसकी तारीखों का ऐलान जल्द ही किया जाएगा।

 

CBI ने शुरू की जांच, शिक्षा मंत्री ने साधी चुप्पी

पेपर लीक के दावों के बीच केंद्र सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंप दी है, जिसने तुरंत कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज कर ली है।

  • NTA का बयान: एजेंसी ने कहा कि भारत सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया है।

  • धर्मेंद्र प्रधान की चुप्पी: दिल्ली में जब मीडिया ने इस बड़े फैसले पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से सवाल पूछने की कोशिश की, तो वे बिना कोई प्रतिक्रिया दिए वहां से निकल गए।

 

'क्वेश्चन बैंक' से खुला लीक का राज

जांच में सामने आया है कि नीट का पेपर एक 'क्वेश्चन बैंक' के जरिए लीक किया गया था।

  • 300 से ज्यादा सवाल: इस क्वेश्चन बैंक में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से अधिक महत्वपूर्ण सवाल थे।

  • एक ही हैंडराइटिंग: चौंकाने वाली बात यह है कि ये सभी सवाल हाथ से लिखे गए थे और इनकी हैंडराइटिंग भी एक जैसी ही थी। जांच एजेंसियां अब इस लिखावट के जरिए असली मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।

 

लीक की पूरी टाइमलाइन: केरल से सीकर तक का सफर

जांच में सामने आया कि पेपर लीक की कड़ी 1 मई से ही जुड़नी शुरू हो गई थी:

  • 1 मई: केरल के एक मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस कर रहे राजस्थान (चूरू) के एक छात्र ने यह 'क्वेश्चन बैंक' सीकर में अपने दोस्त को भेजा।

  • 2 मई: दोस्त ने यह बैंक सीकर के एक पीजी संचालक को दिया, जिसने वहां रहने वाले छात्रों और अन्य करियर काउंसलर्स को इसे बांट दिया। देखते ही देखते यह तेजी से प्रसारित हो गया।

  • 3 मई (परीक्षा का दिन): परीक्षा खत्म होते ही एक पीजी संचालक ने सीकर के उद्योग नगर थाने और NTA को शिकायत दी कि छात्रों को पहले ही पेपर मिल चुका था।

  • 6-7 मई: ऑनलाइन माध्यमों पर जब आंसर-की और पेपर की चर्चा हुई, तो कोचिंग सेंटर्स ने दावा किया कि 'क्वेश्चन बैंक' असली पेपर से काफी हद तक मिलता-जुलता था।

 

NTA ने स्वीकारी गड़बड़ी

शुरुआत में आरोपों को नकारने वाली NTA ने 7 मई को पुष्टि की कि उसे परीक्षा के चार दिन बाद राजस्थान और उत्तराखंड से गड़बड़ी के पुख्ता इनपुट मिले थे। एजेंसी ने माना कि परीक्षा की गोपनीयता भंग हुई है, जिसके बाद इसे रद्द करना ही एकमात्र विकल्प बचा था।

अब सीबीआई इस बात की तहकीकात कर रही है कि यह पेपर लीक मुख्य रूप से किस स्तर (प्रिंटिंग प्रेस, ट्रांसपोर्टेशन या सेंटर) से हुआ और इसमें कौन-कौन से बड़े सिंडिकेट शामिल हैं।

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