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पश्चिम एशिया में जारी जंग के हालातों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में बयान दिया

पश्चिम एशिया में जारी जंग के हालातों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में बयान दिया, जिसमें उन्होंने तनाव कम करने और बातचीत से समाधान खोजने की अपील की. उन्होंने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले अस्वीकार्य हैं और होर्मुज का रास्ता रोकना भी मंजूर नहीं होगा.

प्रधानमंत्री की मुख्य बातें:
तेल-गैस संकट: देश में तेल-गैस संकट न हो, इसके लिए भारत अब 27 की जगह 41 देशों से आयात कर रहा है. 65 लाख मीट्रिक टन के रिजर्व की व्यवस्था पर काम जारी है. सरकार विभिन्न देशों के सप्लायर्स से संपर्क में है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि तेल, गैस और फर्टिलाइजर से जुड़े जहाज भारत तक सुरक्षित पहुंचें.
अन्न-राशन की स्थिति: देश में पर्याप्त अन्न भंडार है और आपात स्थिति से निपटने के लिए इंतजाम हैं. उन्होंने बताया कि किसानों को यूरिया की एक बोरी 300 रुपये से भी कम कीमत में दिलाई गई.
भारतीयों की सुरक्षा: पश्चिम एशिया में एक करोड़ भारतीय रहते हैं, और उनकी सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है. अब तक 3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित देश लौट चुके हैं, जिनमें ईरान से लौटे हजार भारतीय और 700 से अधिक मेडिकल छात्र शामिल हैं.
पावर सप्लाई: गर्मी के मौसम में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए, देश के पावर प्लांट में पर्याप्त कोयला स्टॉक उपलब्ध है. पावर जनरेशन से लेकर सप्लाई तक हर सिस्टम की निगरानी की जा रही है.
एनर्जी सेक्टर: एनर्जी को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि भारत पर युद्ध के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए रणनीति बनाई गई है. सरकार ने एक ग्रुप बनाया है जो आयात-निर्यात में आने वाली दिक्कतों पर लगातार काम करता है.
जंग को लेकर भारत का रुख: भारत ने इस मुद्दे पर गहरी चिंता व्यक्त की है और सभी पक्षों से तनाव कम करने की अपील की है. प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया के प्रमुखों से बात की है और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले और रुकावट को अस्वीकार्य बताया है. भारत सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रोत्साहित कर रहा है.