प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय इजराइल दौरे पर पहुंचे हैं, जहाँ इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। इस दौरान राष्ट्रगान के साथ पीएम मोदी का स्वागत किया गया।
मोदी और नेतन्याहू ने राजधानी तेल अवीव में निजी बातचीत की। मोदी का यह 9 साल बाद इजराइल का दौरा है, इससे पहले वे जुलाई 2017 में गए थे।
आज पीएम मोदी इजराइल की संसद को संबोधित करेंगे, ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे। इसके अतिरिक्त, वह भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे और एक टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी का दौरा करेंगे। इस दौरे पर भारत और इजराइल के बीच ड्रोन और एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम सहित हथियारों से संबंधित समझौतों पर बातचीत की संभावना है।
इजराइली अखबार, द जेरूसलम पोस्ट ने पीएम मोदी के दौरे के लिए एक विशेष फ्रंट पेज छापा, जिसमें हिंदी में 'नमस्ते' और हिब्रू में 'शालोम' (हेलो/नमस्ते या शांति) लिखा हुआ था, साथ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी थी।
इजराइली संसद में मोदी के भाषण को लेकर घरेलू राजनीति में विवाद उत्पन्न हो गया है। विपक्ष बुधवार को संसद के विशेष सत्र का बहिष्कार करने की योजना बना रहा है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस आइजैक अमीत को आमंत्रित नहीं किया गया है। परंपरा के अनुसार, ऐसे औपचारिक सत्रों में चीफ जस्टिस को बुलाया जाता है। विपक्षी नेता और पूर्व प्रधानमंत्री येर लैपिड ने इस पर चिंता व्यक्त की है और प्रधानमंत्री नेतन्याहू से हस्तक्षेप की मांग की है।
अपने दौरे के दूसरे दिन, 26 फरवरी को पीएम मोदी इजराइल के ऐतिहासिक होलोकॉस्ट स्मारक 'यद वाशेम' का दौरा करेंगे। यह स्मारक जर्मनी में हिटलर के नाजी शासन के दौरान मारे गए 60 लाख से अधिक यहूदियों की याद में बनाया गया है, जिनमें लगभग 15 लाख बच्चे भी शामिल थे। यहां वह पीड़ितों के नामों, दस्तावेजों और ऐतिहासिक अभिलेखों का अवलोकन करेंगे और होलोकॉस्ट के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
यद वाशेम के बाद, प्रधानमंत्री मोदी इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में राजनीतिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा होगी, साथ ही क्षेत्रीय स्थिरता, पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति और वैश्विक चुनौतियों पर भी बात होगी।