सवाई माधोपुर: रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में बाघों के कुनबे में एक और नन्हे मेहमान की एंट्री हो गई है. पार्क की लोकप्रिया बाघिन टी-124 (आरबीटी-124) 'रिद्धि' ने एक बार फिर एक शावक को जन्म दिया है. हाल ही में वन विभाग की टीम ने मॉनिटरिंग के दौरान बाघिन को उसके नवजात शावक के साथ देखा है, जिसके बाद से ही पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है.
वन विभाग की रूटीन गश्त के दौरान इस सुखद और खूबसूरत नजारे को कैमरे में कैद किया गया:
निगरानी में आई नजर: वन विभाग की लगातार गश्त और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच नाल घाटी वन क्षेत्र में बाघिन रिद्धि की मौजूदगी दर्ज की गई.
सुरक्षित है शावक: यहाँ बाघिन के साथ उसका नन्हा शावक अठखेलियां करता नजर आया. वन अधिकारियों के अनुसार, माँ और शावक दोनों पूरी तरह से स्वस्थ और सुरक्षित दिखाई दे रहे हैं.
इस नए शावक के जन्म के साथ ही रणथम्भौर नेशनल पार्क में बाघ, बाघिन और शावकों का कुल आंकड़ा अब बढ़कर 77 पर पहुंच गया है.
वर्तमान कुनबे का गणित: टाइगर रिजर्व से मिले ताजा आंकड़ों के मुताबिक, रणथम्भौर में वर्तमान में 25 बाघ, 23 बाघिन और 29 शावक मौजूद हैं. यह बढ़ता कुनबा पार्क के बेहतर माहौल को दर्शाता है.
बाघिन आरबीटी-124 'रिद्धि' का माँ बनने का यह तीसरा सुखद सफर है:
साल 2022: नवंबर 2022 में जोन 3 के अंतर्गत बाघिन रिद्धि पहली बार पर्यटकों को एक शावक के साथ नजर आई थी, लेकिन वह शावक बाद में रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गया था.
साल 2023: इसके बाद मई 2023 में बाघिन ने एक साथ तीन शावकों को जन्म देकर दूसरी बार माँ बनने का सुख प्राप्त किया. अब एक बार फिर रिद्धि के आंगन में किलकारी गूंजी है.
रणथम्भौर टाइगर रिजर्व (फर्स्ट) के डीएफओ मानस सिंह ने इस बड़ी कामयाबी और सुरक्षा को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की है:
चौबीसों घंटे मॉनिटरिंग: डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि बाघिन रिद्धि और उसके नवजात शावक की सुरक्षा एवं संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग की विशेष टीमें उनकी गतिविधियों पर लगातार और चौबीसों घंटे पैनी नजर रख रही हैं.
संरक्षण प्रयासों की सफलता: उन्होंने कहा कि शावक का पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित रूप से जंगलों में देखा जाना रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में चलाए जा रहे बाघ संरक्षण (Tiger Conservation) प्रयासों की सफलता का एक बेहद सकारात्मक और मजबूत संकेत है.