दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेट्रोल बेचने वाली कंपनियों को देश में तुरंत ईंधन की कीमतें कम करने के कड़े निर्देश दिए हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट का फायदा आम उपभोक्ताओं तक पहुंचना ही चाहिए।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट साझा करते हुए तेल कंपनियों को घेरा। उन्होंने लिखा:
"अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत घटकर 68 डॉलर प्रति बैरल रह गई है, लेकिन तेल कंपनियां इसका फायदा ग्राहकों तक नहीं पहुंचा रही हैं। लोग अब भी जरूरत से ज्यादा कीमत चुका रहे हैं, जबकि तेल लगातार सस्ता हो रहा है। कंपनियां पेट्रोल की कीमत को तत्काल करीब 2.50 डॉलर प्रति गैलन के स्तर पर लेकर आएं।"
ट्रंप ने कड़े लहजे में कहा कि ग्राहकों से जरूरत से ज्यादा पैसे वसूलना गैरकानूनी है। अगर कंपनियों ने जल्द दाम नहीं घटाए, तो उन्हें बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। गौरतलब है कि ट्रंप इससे पहले अमेरिकी न्याय विभाग को बड़ी तेल कंपनियों की जांच के आदेश भी दे चुके हैं।
हाल ही में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया था। हालांकि, अब जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काफी नीचे आ चुकी हैं, इसके बावजूद घरेलू बाजारों में पेट्रोल-डीजल महंगा बिक रहा है, जिसे लेकर अमेरिकी प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है।
वैश्विक तेल आपूर्ति और मिडिल ईस्ट के तनाव के बीच पिछले 24 घंटे में चार बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं:
समुद्री ट्रैकिंग कंपनी 'केप्लर' के आंकड़ों के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट में मालवाहक जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को जहां इस रूट से कुल 29 मालवाहक जहाज गुजरे थे, वहीं रविवार को यह संख्या घटकर सिर्फ 12 रह गई। सुरक्षा चिंताओं के कारण इस प्रमुख तेल आपूर्ति मार्ग पर सन्नाटा पसर रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित और सुचारू रूप से चलाने के लिए ईरान और ओमान ने हाथ मिलाया है। सोमवार को मस्कट में दोनों देशों के बीच 'जॉइंट होर्मुज कमेटी' की पहली बैठक आयोजित की गई, जिसमें इस समुद्री मार्ग के संचालन और सुरक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत सरकार का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा। इस डेलिगेशन में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा के शामिल होने की संभावना है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कतर में फंसी ईरान की कुल 12 अरब डॉलर की राशि में से 6 अरब डॉलर की पहली किस्त जल्द ही जारी कर दी जाएगी, जिससे देश को बड़ी वित्तीय राहत मिलेगी।