World

'ईरान ने छूने की कोशिश की, तो कर देंगे पूरी तरह तबाह', ट्रंप की खुली धमकी, 1000 मिसाइलें तैयार

वाशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त और दोटूक लहजे में चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने उनकी हत्या करने की थोड़ी सी भी कोशिश की, तो अमेरिका उस पर ऐसा भीषण हमला करेगा, जैसा इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया होगा।

अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने लिखा कि अमेरिका की ओर से ईरान पर दागने के लिए 1000 मिसाइलें पूरी तरह तैयार (रेडी मोड) रखी गई हैं और यदि जरूरत पड़ी तो हजारों और मिसाइलें भी दागी जाएंगी।

 

ट्रंप का बड़ा दावा: जवाबी कार्रवाई के आदेश जारी, अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार

अमेरिकी राष्ट्रपति ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि अगर ईरान ने अमेरिका या उन पर हमला करने का दुस्साहस किया, तो ईरान को दुनिया के नक्शे से पूरी तरह तबाह (Wiped Out) कर दिया जाएगा। ट्रंप ने सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि संभावित ईरानी हमले के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के सैन्य आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं और अमेरिकी सेना पूरी तरह से मुस्तैद है।

इस बीच, इजराइली मीडिया 'कान न्यूज' की एक रिपोर्ट ने इस तनाव को और हवा दे दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने इजराइल के ओवदा एयरबेस पर फरवरी महीने से तैनात अपने 12 अत्याधुनिक F-22 स्टेल्थ फाइटर जेट्स को वापस बुलाना शुरू कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि इन लड़ाकू विमानों को ईरान के खिलाफ गुप्त सैन्य अभियान के लिए भेजा गया था और इन्होंने हालिया हवाई हमलों में भी हिस्सा लिया था।

 

ईरान की पलटवार की चेतावनी, अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट पर ईरानी दावे को नकारा

  • ईरान का रुख: ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने भी इजराइल और अमेरिका को आड़े हाथों लिया है। काउंसिल ने कहा कि अगर इजराइल ने ईरान के महत्वपूर्ण या रणनीतिक ठिकानों पर दोबारा हमला किया, तो इसका ऐसा कड़ा जवाब दिया जाएगा कि इजराइल खुद को बचा नहीं पाएगा। इससे पहले इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान पर हमले की खुली चेतावनी दी थी।

  • अमेरिका (CENTCOM) का जवाब: उधर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले सभी जहाजों पर अपना पूर्ण नियंत्रण होने की बात कही थी। CENTCOM ने आंकड़े जारी करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के बीच अब तक इस रूट से 800 से ज्यादा व्यापारिक जहाज और 38 करोड़ बैरल कच्चा तेल सुरक्षित रूप से पार हो चुका है।

 

कतर ने की शांति की अपील, संयुक्त राष्ट्र में रूस ने ब्रिटेन-फ्रांस पर साधा निशाना

मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के बादलों को देखते हुए वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक हलचल भी तेज हो गई है:

  • कतर की मध्यस्थता: कतर ने अमेरिका और ईरान, दोनों देशों से तुरंत तनाव कम करने, पुराने समझौतों का पालन करने और बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की है। कतर ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिहाज से होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को बरकरार रखने पर विशेष जोर दिया।

  • रूस का आरोप: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की एक आपातकालीन बैठक में रूस की प्रतिनिधि ने पश्चिमी देशों पर गंभीर आरोप लगाए। रूस ने कहा कि ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे (Civilian Infrastructure) पर अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए अवैध हमलों का खुलकर समर्थन किया है।

 

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) की बड़ी चेतावनी: गहरा सकता है वैश्विक ऊर्जा संकट

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते इस सैन्य गतिरोध पर 'अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी' (IEA) ने दुनिया भर के देशों के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है। आईईए ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट और मिडिल ईस्ट में यदि तनाव और ज्यादा भड़का, तो वैश्विक तेल आपूर्ति (Global Oil Supply) पूरी तरह से ठप या प्रभावित हो सकती है। कच्चे तेल की सप्लाई रुकने से पूरी दुनिया में एक लंबा और बड़ा ऊर्जा संकट (Energy Crisis) पैदा हो सकता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी।

Similer Posts