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आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: जस्टिस विक्रम नाथ बोले—किस कुत्ते के काटने का अंदाज़ा नहीं

Street dog shelter debate India: आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस बीच, पूर्व सांसद और कन्नड़ अभिनेत्री दिव्या स्पंदना (राम्या) के एक बयान ने सभी का ध्यान खींचा है। दिव्या के इस बयान को जहां कुछ लोग पुरुष विरोधी मान रहे हैं। वहीं, एनिमल लवर्स उनसे सहमत हैं। पूर्व सांसद ने स्ट्रीट डॉग्स को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि पुरुषों के मन में क्या चल रहा है, यह पढ़ना भी मुश्किल है।

बयान पर छिड़ी बहस

स्ट्रीट डॉग्स के मुद्दे पर सर्वोच्च अदालत में 7 जनवरी को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि ये अनुमान लगाना मुश्किल है कि कौन सा कुत्ता काटेगा और कौन सा नहीं। इसी पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व सांसद और कन्नड़ अभिनेत्री दिव्या स्पंदना (राम्या) ने कहा कि इसी तरह, पुरुष का दिमाग पढ़ना भी मुश्किल है। यह अनुमान नहीं लगाया जा सकता कि कौन बलात्कार या हत्या जैसा अपराध करेगा। उन्होंने पूछा कि क्या इसके लिए सभी पुरुषों को जेल में डाल देना चाहिए? दिव्या स्पंदना के इस बयान पर अब बहस छिड़ गई है। इसे पुरुष विरोधी भी माना जा रहा है। हालांकि, एनिमल लवर्स अभिनेत्री के इस बयान की सराहना कर रहे हैं।

जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन. वी. अंजारिया की पीठ आवारा कुत्तों के मामले में सुनवाई कर रही है। 7 जनवरी के बाद 8 जनवरी को भी बेंच ने इस मुद्दे पर सभी दलीलों को सुना और 9 जनवरी को भी सुनवाई जारी रहेगी। 7 जनवरी की सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि कौन सा कुत्ता काटेगा और कौन सा नहीं। उन्होंने आगे कहा कि समस्या केवल डॉग बाइट ही नहीं है, कुत्ते सड़कों पर वाहनों के पीछे भागते हैं, इससे भी हादसे होते हैं। वहीं, एनिमल लवर्स का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि कुत्तों को शेल्टर में रखने से समस्या हल नहीं होगी। यह वैज्ञानिक लिहाज से भी ठीक नहीं है।