राकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि पहले नीरज शर्मा के पति विजय शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या करवाई गई और इसके बाद घर से चोरी किए गए गहनों और नकदी का इस्तेमाल बदमाशों को सुपारी देने में किया गया, ताकि नीरज शर्मा की भी हत्या कराई जा सके। उन्होंने दोनों मामलों की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की है।
प्रताप नगर थाना क्षेत्र के रविंद्र नगर निवासी 45 वर्षीय नीरज शर्मा की 3 जुलाई की शाम करीब 4:45 बजे हत्या कर दी गई थी। वह अपने बेटे को कोचिंग छोड़कर घर लौट रही थीं। इसी दौरान एक स्कॉर्पियो ने उन्हें जानबूझकर टक्कर मारकर कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल नीरज शर्मा की मौत हो गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश उनकी बेटी आयुषी शर्मा ने अपने ताऊ और चचेरे भाई रवि उर्फ बलराम के साथ मिलकर रची थी। आरोप है कि करीब 7 लाख रुपए की सुपारी देकर बदमाशों से इस वारदात को अंजाम दिलवाया गया। पुलिस इस मामले में अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और जांच जारी है।
राकेश शर्मा का आरोप है कि उनकी बहन नीरज शर्मा ने 1 मार्च 2026 को सांगानेर थाने में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके घर का ताला तोड़कर कब्जा करने की कोशिश की गई है तथा घर से ज्वेलरी, नकदी और अन्य कीमती सामान चोरी हो गया है।
राकेश का कहना है कि पुलिस ने इस शिकायत पर समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उनका आरोप है कि चोरी किए गए गहनों और नकदी का उपयोग ही बाद में नीरज शर्मा की हत्या के लिए सुपारी देने में किया गया।
उन्होंने कहा कि यदि पुलिस ने उस समय शिकायत को गंभीरता से लिया होता और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की होती, तो संभवतः उनकी बहन की जान बच सकती थी।
राकेश शर्मा ने अपने जीजा विजय शर्मा की मौत को भी संदिग्ध बताते हुए उसकी जांच कराने की मांग की है। विजय शर्मा राजस्थान हाईकोर्ट में कोर्ट मास्टर के पद पर कार्यरत थे। उनके अनुसार विजय शर्मा ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित थे, लेकिन इलाज के दौरान उनकी हालत लगातार बेहतर हो रही थी।
राकेश का आरोप है कि इलाज के बीच ही बेटी आयुषी और चचेरा भाई रवि उर्फ बलराम उन्हें अस्पताल से छुट्टी दिलाकर अपने साथ ले गए। इसके बाद करीब तीन महीने तक उन्हें परिवार से पूरी तरह अलग रखा गया।
उन्होंने दावा किया कि इस दौरान परिवार के किसी सदस्य को विजय शर्मा से मिलने तक नहीं दिया गया। जब भी परिवार पूछता, तो बताया जाता कि विजय अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं। कुछ समय बाद उन्हें घर लाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
राकेश शर्मा का कहना है कि इन परिस्थितियों को देखते हुए विजय शर्मा की मौत की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, क्योंकि उन्हें इसमें भी साजिश की आशंका है।
राकेश शर्मा का आरोप है कि इस पूरे मामले की जड़ में करोड़ों रुपये की संपत्ति है। उनके अनुसार विजय और नीरज शर्मा अपने परिवार के साथ सुखपूर्वक रह रहे थे। इसी दौरान चचेरा भाई रवि उर्फ बलराम उनके संपर्क में आया।
उन्होंने बताया कि बलराम पढ़ाई में कमजोर था और बेरोजगार था। विजय शर्मा ने उसकी पढ़ाई में मदद करते हुए उसे एलएलबी तक की शिक्षा दिलवाई। परिवार का विश्वास जीतने के बाद ही उसने संपत्ति पर कब्जा करने की योजना बनानी शुरू कर दी।
राकेश का दावा है कि इसी योजना के तहत बलराम ने आयुषी शर्मा को अपने प्रेमजाल में फंसाया। धीरे-धीरे उसने आयुषी पर पूरी तरह प्रभाव स्थापित कर लिया। वर्ष 2025 के आखिर तक आयुषी पूरी तरह उसके प्रभाव में आ चुकी थी और उसके कहने पर ही घर में झगड़े करने लगी थी।
राकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि पिछले करीब एक वर्ष से आयुषी और रवि उर्फ बलराम परिवार से अलग रहकर लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे।
उनका कहना है कि बलराम को विश्वास था कि विजय शर्मा की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी आयुषी को मिल जाएगी। साथ ही परिवार की संपत्ति का बंटवारा होने पर आयुषी के हिस्से में आने वाली संपत्ति पर भी उसका नियंत्रण हो जाएगा।
हालांकि विजय शर्मा की मौत के बाद उनकी पत्नी नीरज शर्मा ने स्वयं सरकारी नौकरी जॉइन कर ली। इससे बलराम की योजना पूरी नहीं हो सकी।
राकेश शर्मा का आरोप है कि जब नीरज शर्मा ने नौकरी संभाल ली और संपत्ति पर उनका अधिकार बना रहा, तब उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। इसके तहत बदमाशों को सुपारी देकर स्कॉर्पियो से कुचलवाकर उनकी हत्या कर दी गई।
राकेश शर्मा ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि केवल नीरज शर्मा की हत्या ही नहीं, बल्कि विजय शर्मा की मौत की भी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि दोनों मामलों की कड़ियां जोड़कर जांच की जाए तो पूरे षड्यंत्र का खुलासा हो सकता है।
उन्होंने यह भी मांग की कि चोरी, संपत्ति विवाद, विजय शर्मा की मौत और नीरज शर्मा की हत्या के सभी पहलुओं को एक साथ जोड़कर जांच की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को कड़ी सजा मिले।
नीरज शर्मा हत्याकांड में पुलिस पहले ही सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसियां हत्या की साजिश, सुपारी, आर्थिक लेन-देन और संपत्ति विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। अब मृतका के भाई द्वारा लगाए गए नए आरोपों के बाद मामले में विजय शर्मा की मौत और कथित संपत्ति षड्यंत्र की भी जांच की मांग तेज हो गई है।
हालांकि, राकेश शर्मा द्वारा लगाए गए आरोप उनके व्यक्तिगत दावे हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी पुलिस जांच या न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होना बाकी है। ऐसे में पूरे मामले की सच्चाई विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।