CJP का दावा है कि प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। कई स्कूल जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं, जबकि कहीं कक्षाओं, शौचालयों और पेयजल जैसी सुविधाओं का अभाव है। पार्टी नेताओं ने कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र की उपेक्षा भविष्य की पीढ़ियों के साथ अन्याय है।
CJP नेता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बैठक की जानकारी साझा करते हुए कहा कि पार्टी का नेशनल डेलीगेशन राजस्थान में सरकारी स्कूलों की चिंताजनक स्थिति और कानून-व्यवस्था पर चर्चा करने के लिए जयपुर पहुंचा है। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता अब वास्तविक हालात देख रही है और सरकार के पास सुधार के लिए समय तेजी से कम होता जा रहा है।
सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर CJP का अभियान उस समय चर्चा में आया जब जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र स्थित कंवरपुरा स्कूल का मामला सामने आया। पार्टी कार्यकर्ता स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे थे, जहां ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट की स्थिति बन गई।
CJP ने आरोप लगाया था कि घटना में उसके कई कार्यकर्ता घायल हुए और एक कार्यकर्ता को गंभीर चोट आई। इसके बाद पार्टी ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए स्कूल में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
कंवरपुरा प्रकरण में दोनों पक्षों की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अब तक किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
CJP नेता आशुतोष रांका लगातार विभिन्न जिलों के सरकारी स्कूलों से जुड़े वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। पार्टी का दावा है कि मीडिया रिपोर्टों और जमीनी हकीकत ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था की कई कमियों को उजागर किया है। रांका ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को आलोचना का जवाब सुधारों से देना चाहिए, न कि विरोध करने वालों को निशाना बनाकर।
राजस्थान में निकाय चुनावों से पहले शिक्षा और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर CJP की सक्रियता राजनीतिक माहौल को और गर्माने लगी है। आने वाले दिनों में पार्टी इन मुद्दों को लेकर प्रदेशव्यापी अभियान शुरू कर सकती है।