इस निर्णय के बाद अब जस्टिस एसपी शर्मा राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (Acting CJ) नहीं रहेंगे।
कॉलेजियम की इस सिफारिश से ठीक पहले सोमवार को जयपुर में राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा (एसपी शर्मा) के खिलाफ वकीलों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया:
कोर्ट रूम के बाहर नारेबाजी: वकीलों के एक समूह ने एक्टिंग सीजे के कोर्ट रूम के बाहर पहुंचकर जमकर नारेबाजी की और न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया।
सुनवाई प्रभावित: वकीलों के बहिष्कार के चलते ज्यादातर अधिवक्ता कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की अदालत में मुकदमों की सुनवाई के लिए पेश नहीं हुए।
हाईकोर्ट में शुरू हुए इस बड़े गतिरोध के पीछे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संदीप मेहता का एक पत्र मुख्य वजह बना:
कार्यशैली पर उठाए सवाल: सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखकर एक्टिंग सीजे की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए थे और उन्हें राजस्थान से स्थानांतरित (हटाने) करने की मांग की थी।
वकीलों ने खोला मोर्चा: यह पत्र सार्वजनिक होने के बाद से ही वकीलों के एक धड़े ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सोमवार को हुए अचानक प्रदर्शन को लेकर बार एसोसिएशनों के बीच मंथन जारी है:
आधिकारिक समर्थन नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सोमवार को हुए इस विरोध प्रदर्शन को अपना औपचारिक समर्थन नहीं दिया था।
जोधपुर और जयपुर बार की बैठक: हालांकि, जोधपुर हाईकोर्ट बार और जयपुर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारी लगातार संपर्क में हैं। जल्द ही दोनों एसोसिएशनों की एक संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें जस्टिस मेहता के पत्र और वर्तमान परिस्थितियों को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
जयपुर हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार वकीलों और एक्टिंग सीजे के बीच पैदा हुए इस गतिरोध के बीच प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है:
1 से 3 सितंबर तक 'नॉन-सीटिंग': कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा 1 से 3 सितंबर तक 'नॉन-सीटिंग' (सुनवाई से अलग) रहेंगे।
सप्ताह भर बंद रहेगी बेंच: इसके बाद 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का अवकाश है, जबकि 5 और 6 सितंबर को शनिवार व रविवार की नियमित छुट्टी रहेगी। ऐसे में इस पूरे सप्ताह एक्टिंग सीजे की बेंच में मुकदमों की सुनवाई नहीं होगी।