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टोंक जेल में कैदी की मौत पर दूसरे दिन भी हंगामा, SMS मॉर्च्युरी के बाहर धरना जारी; पोस्टमॉर्टम पर नहीं बनी सहमति

जयपुर। टोंक जिला जेल में बंद कैदी गणदेव गुर्जर की मौत का मामला दूसरे दिन भी तूल पकड़ता जा रहा है। 32 वर्षीय गणदेव की जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद जयपुर रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में मौत हो गई थी। घटना के बाद से ही परिजन जेल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए आंदोलन कर रहे हैं। गुरुवार को भी मृतक के परिजन और टोंक-सवाई माधोपुर से आए समाज के लोग जयपुर स्थित एसएमएस अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठे रहे।

दूसरे दिन भी पोस्टमॉर्टम नहीं

गणदेव गुर्जर की मौत के बाद शव एसएमएस अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखा गया है। लेकिन घटना के दूसरे दिन भी परिजनों और प्रशासन के बीच पोस्टमॉर्टम को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। परिजन अपनी विभिन्न मांगों पर अड़े हुए हैं और मांगें पूरी होने तक पोस्टमॉर्टम नहीं कराने की बात कह रहे हैं।

गुरुवार को भी बड़ी संख्या में लोग मॉर्च्युरी के बाहर जमा रहे। प्रदर्शनकारियों ने जेल प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

11 अगस्त को जेल में बिगड़ी थी तबीयत

जानकारी के अनुसार गणदेव गुर्जर टोंक जिला जेल में बंद था। 11 अगस्त को उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर बुधवार को उसे जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन जयपुर पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई।

गणदेव की मौत की सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग जयपुर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

जेल प्रबंधन को हटाने की मांग

प्रदर्शन कर रहे परिजनों और समाज के लोगों ने जेल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। उनकी प्रमुख मांगों में जेल प्रबंधन को हटाना, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करना और मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना शामिल है।

परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने देंगे।

पुलिस-प्रशासन समझाइश में जुटा

मामले को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से लगातार परिजनों से बातचीत की जा रही है। दोनों पक्षों के बीच वार्ता का दौर जारी है। प्रशासन की कोशिश है कि बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकाला जाए और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंपा जा सके।

हालांकि, समाचार लिखे जाने तक प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच किसी तरह की सहमति नहीं बन सकी थी।

SMS अस्पताल में बढ़ाई सुरक्षा

परिजनों के प्रदर्शन को देखते हुए एसएमएस अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिसकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की गई है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।

फिलहाल मॉर्च्युरी के बाहर प्रदर्शन जारी है और सभी की नजर प्रशासन तथा परिजनों के बीच होने वाली वार्ता पर टिकी है। गणदेव की मौत की परिस्थितियों को लेकर परिजन निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं प्रशासन बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने में जुटा है।