जयपुर/कनौता: किसानों के साथ होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। मंत्री ने जयपुर के कनौता स्थित हीराबाला इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित 'जयपुर बायो फर्टिलाइजर्स' निर्माण इकाई पर औचक छापेमारी की। इस दौरान फैक्ट्री में जैविक उर्वरक (बायो फर्टिलाइजर) के निर्माण और भंडारण में भारी और गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। मंत्री की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य उद्योगपतियों और मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है।
नियमों को ताक पर रखकर चल रहा था खेल, मानकों के विपरीत निर्माण
कृषि मंत्री की जांच में सामने आया कि यह फैक्ट्री जैविक खाद के नाम पर मानकों का सरेआम उल्लंघन कर रही थी:
नियमों की अनदेखी: डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान उर्वरक निर्माण की प्रक्रिया, पैकेजिंग, लेबलिंग और भंडारण व्यवस्था में सरकारी नियमों की पूरी तरह से अनदेखी की जा रही थी।
बड़ी मात्रा में स्टॉक जब्त: छापेमारी के दौरान फैक्ट्री के भीतर बड़ी मात्रा में बायो फर्टिलाइजर का स्टॉक तैयार मिला, जिसे विभागीय टीम ने अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
20°C की जगह 45°C तापमान में बन रही थी खाद, बैक्टीरिया नष्ट होने का खतरा
फैक्ट्री के भीतर का तकनीकी नजारा बेहद चौंकाने वाला था, जो सीधे तौर पर किसानों की फसल के साथ खिलवाड़ को दर्शाता है:
खराब गुणवत्ता: विशेषज्ञों के अनुसार, जिस जैविक उर्वरक को बनाने और सुरक्षित रखने के लिए लगभग 20°C तापमान की आवश्यकता होती है, उसे इस इकाई में मानकों के विपरीत 45°C के अत्यधिक तापमान में तैयार किया जा रहा था।
बेअसर हो रही थी खाद: कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इतने भारी तापमान के कारण उर्वरक में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीव (बैक्टीरिया) पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं। इससे खाद की गुणवत्ता और फसलों पर उसका प्रभाव शून्य हो जाता है।
बाहर लटके थे ताले, भीषण गर्मी के बीच अंदर बंधक की तरह काम कर रहे थे मजदूर
जब मंत्री अपनी टीम और मीडिया के साथ मौके पर पहुंचे, तो वहां का मानवीय पहलू बेहद दर्दनाक और संदेहास्पद था:
फैक्ट्री में बंद थे दरवाजे: कार्रवाई के दौरान बाहर से फैक्ट्री के दोनों मुख्य दरवाजों पर ताला लटका हुआ था, ताकि किसी को भनक न लगे कि अंदर काम चल रहा है।
पसीने से तर-बतर श्रमिक: जब टीम पीछे के रास्ते से अंदर दाखिल हुई, तो देखा कि आखिरी कोने के कमरों में भरी दोपहर और भीषण गर्मी के बीच मजदूर बंद तालों के अंदर काम कर रहे थे। अत्यधिक तापमान के कारण वहां मौजूद हर शख्स पसीने से तर-बतर था।
4. सैंपल जांच के लिए भेजे, मंत्री बोले— "किसानों से धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं"
इस बड़ी कार्रवाई के बाद कृषि विभाग अब कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाने की तैयारी में है:
लैब भेजे गए नमूने: कृषि विभाग के उच्च अधिकारियों ने मौके से उर्वरक के सैंपल (नमूने) ले लिए हैं और उन्हें तत्काल परीक्षण के लिए सरकारी लैब भेज दिया है।
होगी सख्त कार्रवाई: डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, "जांच रिपोर्ट आते ही फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त से सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। अन्नदाता (किसानों) के साथ किसी भी तरह की धोखाधड़ी और मिलावटखोरी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"