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असम में वायुसेना का विमान क्रैश: राजस्थान के अग्निवीर खेमाराम समेत 5 जवान शहीद

जोरहाट/डीडवाना: असम के जोरहाट स्थित रौरिया इंडियन एयरबेस पर शनिवार सुबह करीब 10 बजे एक बड़ा हादसा हो गया. वायुसेना का एक विमान रनवे पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया. इस भीषण हादसे में राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के पांचोता गांव के रहने वाले 22 वर्षीय अग्निवीर वायु सैनिक खेमाराम कुमावत शहीद हो गए.

 

हादसे में पायलट और स्क्वाड्रन लीडर समेत 5 जवानों ने गंवाई जान

यह विमान हादसा इतना जबरदस्त था कि इसमें विमान के पायलट सहित पांच सैन्य कर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक सह-पायलट गंभीर रूप से घायल है:

  • शहीद जवानों के नाम: वायुसेना से मिली जानकारी के अनुसार, शहीदों में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम शामिल हैं.

  • घायल का इलाज जारी: हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए को-पायलट को तुरंत सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं.

 

पांचोता गांव में पसरा मातम, शादी की चल रही थीं तैयारियां

जैसे ही वायुसेना के अधिकारियों द्वारा खेमाराम की शहादत की सूचना उनके गृह राज्य राजस्थान भेजी गई, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई:

  • स्तब्ध रह गए ग्रामीण: डीडवाना-कुचामन के पांचोता गांव सहित आस-पास के क्षेत्रों में घरों के चूल्हे तक नहीं जले. शहीद के परिजन और ग्रामीण गहरे सदमे में हैं और लगातार वायुसेना के उच्च अधिकारियों के संपर्क में बने हुए हैं.

  • पूरा होने वाला था कार्यकाल: शहीद खेमाराम के ममेरे भाई महेश कुमावत ने बेहद भावुक होते हुए बताया कि खेमाराम का अग्निवीर के रूप में सेवा कार्यकाल जल्द ही पूरा होने वाला था. वह छुट्टियों में घर आने वाले थे और परिवार में उनकी शादी को लेकर बातचीत और तैयारियां चल रही थीं, लेकिन इससे पहले ही उनकी शहादत की खबर आ गई.

 

किसान परिवार के चिराग थे शहीद खेमाराम

देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले अग्निवीर खेमाराम कुमावत एक बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आते थे:

  • परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल: खेमाराम एक गरीब किसान परिवार से ताल्लुक रखते थे. उनके परिवार में उनके बुजुर्ग माता-पिता, दो बड़े भाई और एक छोटी बहन हैं. बेटे की शहादत की खबर सुनने के बाद से ही माता-पिता और भाई-बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण और स्थानीय प्रशासन पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने उनके घर पहुंच रहे हैं।

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