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गहलोत का भाजपा सरकार पर तीखा हमला, बोले— पेट्रोल-डीजल संकट पर मंत्रियों की रिक्शा और पैदल यात्रा महज तमाशा

जयपुर: प्रदेश में गहराए ईंधन संकट और महंगाई को लेकर सियासत पूरी तरह गर्मा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कहा कि देश और प्रदेश की जनता पेट्रोल पंपों पर कतारों में खड़ी होकर परेशान हो रही है, लेकिन सरकार हकीकत स्वीकार करने के बजाय केवल इवेंट मैनेजमेंट और प्रोपेगैंडा में जुटी हुई है।

1. "तमाशे से जनता में मैसेज नहीं जाता, हकीकत में त्याग करो"

अशोक गहलोत ने ईंधन बचाने के नाम पर मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों द्वारा किए जा रहे प्रयोगों पर तंज कसते हुए कहा:

  • मंत्रियों के ड्रामे पर तंज: "अभी तो केवल मोदीजी ने देशवासियों से (ईंधन बचाने का) आह्वान किया है। उसके बाद जहां-जहां बीजेपी की सरकारें हैं, वहां के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों का नाटक शुरू हो गया। कोई रिक्शा में दफ्तर जा रहा है, कोई पैदल चल रहा है, तो कोई इलेक्ट्रिक वैन में घूम रहा है। यह तमाशा अभी भी जारी है।"

  • पब्लिक सब समझती है: गहलोत ने आगे कहा कि इस तरह के खोखले तमाशे करने से जनता के बीच कोई सकारात्मक मैसेज नहीं जाता। अगर आप हकीकत में दिल से कुछ त्याग करते हो, तो उसका संदेश सीधा लोगों के गले उतरता है। लेकिन यहाँ सिर्फ दिखावा हो रहा है।

2. "दाम बढ़ाकर मजाक कर रही सरकार, जनता में कल को लेकर चिंता"

ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर पूर्व सीएम ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाए:

  • कीमतों का खेल: गहलोत ने कहा, "अब पेट्रोल-डीजल के दाम और बढ़ा दिए गए। हद तो तब हो गई जब सीएनजी (CNG) के दाम भी आज बढ़ा दिए। यह जनता के साथ सरासर मजाक है। सरकार में हिम्मत है तो खुलकर अपनी मजबूरी बताए, लोग उस बात को समझेंगे कि सरकार ने नेता प्रतिपक्ष की मांग का जवाब दिया है।"

  • भविष्य की फिक्र: उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ऐसी नीतियां अपना रही है जिससे लोगों में गलतफहमी पैदा हो रही है। इस चिंता में लोग भारी तकलीफ में हैं कि कल सुबह ईंधन के दाम कितने और बढ़ जाएंगे। पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लगी हैं, लेकिन सरकार इस संकट को मानने को ही तैयार नहीं है।

3. "सीएम और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का एक ही काम— केवल झूठ बोलो"

अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री और भाजपा के नए प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को आड़े हाथों लेते हुए उन पर जमीनी हकीकत से आंखें मूंदने का आरोप लगाया:

  • कोटा-जोधपुर के यात्री परेशान: "मुझे आश्चर्य होता है कि पेट्रोल पंप वाले उपभोक्ताओं को टोकन व्यवस्था के तहत केवल एक हजार रुपये का पेट्रोल दे रहे हैं। अगर कोई कोटा, जोधपुर या भरतपुर से जयपुर अपनी कार से आ रहा है, तो उसे रास्ते में तीन बार रुककर लाइनों में लगना पड़ रहा है।"

  • सच्चाई को नकारने का खेल: गहलोत ने हमला जारी रखते हुए कहा, "इस वास्तविक हकीकत को हमारे मुख्यमंत्री और बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ स्वीकार नहीं कर रहे हैं। इनका तो काम ही यही बन गया है— झूठ बोलो, बार-बार असत्य बोलो और जमीनी संकट को पूरी तरह नकार दो।"

4. गांवों में 15 दिन तक नहीं मिल रहा सिलेंडर, डिस्ट्रीब्यूटर्स भी तनाव में

गहलोत ने पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ प्रदेश में रसोई गैस (LPG) की किल्लत का भी मुद्दा उठाया:

  • गांव-गांव से आ रही खबरें: "प्रदेश के ग्रामीण इलाकों से बदतर हालात की खबरें आ रही हैं। लोहावट और ओसियां जैसे क्षेत्रों से जानकारी मिली है कि लोगों को 10 से 15 दिनों तक एलपीजी सिलेंडर नसीब नहीं हो रहा है। स्थिति पूरी तरह बिगड़ चुकी है।"

  • जनता का आक्रोश: पूर्व सीएम ने कहा कि गैस एजेंसी के मालिक और डिस्ट्रीब्यूटर्स खुद फोन कर हमें बता रहे हैं कि वे भारी मानसिक तनाव में हैं क्योंकि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वे सिलेंडर के लिए चक्कर काट रही जनता को क्या जवाब दें। यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि भारत सरकार स्थिति स्पष्ट नहीं कर रही है। यदि केंद्र और राज्य सरकार समय रहते सच बताती, तो डीलर्स को जनता के इस भारी आक्रोश का सामना नहीं करना पड़ता। इसके लिए पूरी तरह डबल इंजन सरकार जिम्मेदार है।

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