मथुरा/काशी: ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दो बटुकों से यौन शोषण का मुकदमा दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक वीडियो जारी कर आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस पूरे विवाद में एक नया और सनसनीखेज मोड़ ला दिया है, जिससे संतों और शिष्यों के बीच हड़कंप मच गया है।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने वीडियो में दावा किया है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत थे:
दबाव में की कार्रवाई: आशुतोष ने कहा, "जगद्गुरु रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी रामचंद्र दास ने मुझ पर भारी दबाव बनाया और गुमराह करके शंकराचार्य जी के खिलाफ यह फर्जी मुकदमा दर्ज करवाया था।"
अधिकारियों की मिलीभगत: उन्होंने आरोप लगाया कि इस बड़ी साजिश में कुछ प्रशासनिक अधिकारी भी पर्दे के पीछे से शामिल थे।
जल्द करेंगे बड़ा खुलासा: आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया कि उनके पास इस साजिश से जुड़े पुख्ता सबूत और वॉट्सएप चैट (WhatsApp Chats) मौजूद हैं, जिन्हें वे जल्द ही सार्वजनिक कर देश के सामने पूरी सच्चाई लाएंगे।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी रामचंद्र दास पर बेहद तीखे और मर्यादारहित आरोप लगाए हैं:
चरित्र पर उठाए सवाल: आशुतोष ने कहा, "रामचंद्र दास मेरा गुरु भाई है, लेकिन वह पूरी तरह से कुकर्मी, ढोंगी और फ्रॉडी (धोखेबाज) इंसान है। यह मेरा दुर्भाग्य था कि मैं उसके संपर्क में आया।"
गुरु को नुकसान की आशंका: उन्होंने बेहद गंभीर बात कहते हुए कहा कि वह अपने गुरु जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी का जीवनभर सम्मान करते रहेंगे, लेकिन उनके खिलाफ भी बड़ी साजिश रची जा रही है। अगर पूज्य गुरुदेव को कोई भी नुकसान पहुंचता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी सीधे रामचंद्र दास की होगी।
मामला सिर्फ फर्जी मुकदमे तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें करोड़ों की आश्रम संपत्ति का विवाद भी जुड़ गया है:
फर्जी वसीयत का दावा: आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया कि रामचंद्र दास ने एक फर्जी वसीयत तैयार करवाई और उसके बल पर 'श्री देव बाबा जी आश्रम' पर अवैध रूप से कब्जा जमा लिया है।
मथुरा पुलिस और कोर्ट जाने की तैयारी: इस कब्जे के खिलाफ उन्होंने मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को एक लिखित शिकायत भेजी है। आशुतोष ने साफ कहा कि जैसे उन्होंने पहले कानूनी लड़ाई लड़ी थी, वैसे ही अब वे सत्य के लिए रामचंद्र दास के खिलाफ अदालत तक लड़ेंगे।
इस पूरे हाई-प्रोफाइल ड्रामे और आरोपों के बीच मथुरा पुलिस प्रशासन का आधिकारिक बयान भी सामने आ गया है:
मुलाकात और शिकायत से इनकार: मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार ने इस मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि पुलिस को फिलहाल आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज की तरफ से ऐसी कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
पुलिस ने झाड़ा पल्ला: एसएसपी ने यह भी साफ किया कि हाल-फिलहाल में आशुतोष ब्रह्मचारी से उनकी कोई मुलाकात या बातचीत भी नहीं हुई है।