जयपुर: जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की अगुवाई में हाल ही में समाप्त हुए छात्र आंदोलन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। राजस्थान बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष और सांसद मदन राठौड़ ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए आंदोलन के पीछे विदेशी फंडिंग होने की आशंका जताई है और केंद्र सरकार से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
मदन राठौड़ ने दावा किया कि इस आंदोलन को चलाने के लिए भारी मात्रा में बाहर से पैसा मुहैया कराया जा रहा था। उन्होंने मीडिया के सामने कई हैरान करने वाले दावे किए:
विदेशी कनेक्शन: सोशल मीडिया और टीवी चैनलों की रिपोर्ट्स के हवाले से राठौड़ ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के लिए दुबई, कुवैत, बांग्लादेश और अन्य कई देशों से खाने और अन्य व्यवस्थाओं की ऑनलाइन बुकिंग की जा रही थी।
संदिग्ध लेनदेन: उन्होंने एक चौंकाने वाला उदाहरण देते हुए कहा, "एक मामला तो ऐसा सामने आया है, जहाँ मोबाइल रिपेयरिंग का काम करने वाला एक साधारण व्यक्ति हर दिन 10-10 लाख रुपये के खाने की बुकिंग कर भिजवा रहा था। आखिर इतना पैसा कहाँ से आ रहा था? यह बेहद वाजिब सवाल है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।"
पूर्व शिक्षा मंत्री के समर्थन में उतरते हुए मदन राठौड़ ने कहा कि नीट विवाद में धर्मेंद्र प्रधान का कोई व्यक्तिगत दोष नहीं था।
"मासूम छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर अपनी राजनीति चमकाने के लिए पूरा 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' धर्मेंद्र प्रधान के पीछे लग गया था। उन्होंने खुद ही नैतिकता के आधार पर अपना इस्तीफा सौंपा है, जबकि शिक्षा मंत्री के तौर पर उनका कार्यकाल और काम बेहद सराहनीय रहा है।"
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर और होटलों में जश्न मनाते CJP नेताओं का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और पूर्व बीजेपी सांसद महेश जेठमलानी समेत कई नेताओं ने इस पर सवाल उठाए हैं:
महेश जेठमलानी की 'X' पोस्ट: जेठमलानी ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि CJP नेता महंगे होटलों में पार्टियां कर रहे हैं। उन्होंने सवाल दागा, "इस पूरे विरोध-प्रदर्शन के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं के आने-जाने (यात्रा), रुकने (होटलstay), खाने-पीने और अन्य भारी-भरकम खर्चों की फंडिंग कौन कर रहा है? दिल्ली को इतने दिनों तक उबालकर रखने वालों का फाइनेंसर कौन है?"
मदन राठौड़ ने भी जेठमलानी के इस पोस्ट का समर्थन करते हुए पैसों के स्रोत पर सवाल खड़े किए हैं।
आंदोलन और पेपर लीक विवाद पर केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए मदन राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुरू से ही देश के युवाओं और उनके भविष्य को लेकर बेहद संवेदनशील और गंभीर हैं।
उन्होंने कहा:
सख्त रुख: पीएम मोदी ने भर्ती परीक्षाओं में धांधली और नकल माफिया के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट और कानून: पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का फैसला लिया गया है और देश में नकल रोकने के लिए एक बेहद सख्त कानून लाया जा रहा है। ये सभी ऐतिहासिक और स्वागत योग्य कदम हैं, जिससे भविष्य में किसी युवा के साथ अन्याय न हो।