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जयपुर के गुप्त वृंदावन धाम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया राधा-कृष्ण शिला पूजन, अगले साल PM मोदी करेंगे उद्घाटन

जयपुर: राजधानी जयपुर के जगतपुरा स्थित 'गुप्त वृंदावन धाम' में सोमवार को भव्य 'राधा-कृष्ण शिला पूजन' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्ण वैष्णव विधि-विधान से पवित्र शिला का पूजन संपन्न किया और भगवान श्री कृष्ण एवं बलराम जी की महाआरती उतारी। इसी पूजित शिला से मंदिर के मुख्य आराध्य श्री श्री राधा श्यामसुंदर की अलौकिक प्रतिमा तैयार की जाएगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और साधु-संत उपस्थित रहे।

 

"ब्रज क्षेत्र देश की आध्यात्मिक परंपरा का अटूट हिस्सा": CM भजनलाल शर्मा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं और ब्रज संस्कृति का स्मरण किया:

  • दर्शन पाकर जताया सौभाग्य: मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गुप्त वृंदावन धाम में आने का अवसर मिला है। पहले यहां भगवान कृष्ण-बलराम के दर्शन का सौभाग्य मिलता था, और अब जल्द ही यहां श्री श्री राधा श्यामसुंदर के भी दर्शन प्राप्त होंगे।

  • सनातन परंपरा पर बल: उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण से जुड़ा ब्रज क्षेत्र भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो सदियों से देश को एकसूत्र में पिरोए हुए है।

 

6 एकड़ में बन रहा 17 मंजिला धाम; PM नरेंद्र मोदी करेंगे उद्घाटन

'हरे कृष्ण मूवमेंट, जयपुर' की ओर से तैयार किया जा रहा यह केंद्र राजस्थान के सबसे बड़े आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में से एक होगा:

  • उद्घाटन की तिथि तय: धाम के अध्यक्ष अमितासना दास ने बताया कि लगभग 6 एकड़ जमीन में आकार ले रहे इस 17 मंजिला विशाल मंदिर का उद्घाटन अगले साल 12 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा।

  • भावी पीढ़ियों को जोड़ने का प्रयास: इस दिव्य केंद्र का मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति, वैदिक मूल्यों और भारतीय परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।

 

मयूर शिल्पकला और प्रोजेक्शन मैपिंग होगी आकर्षण का केंद्र

गुप्त वृंदावन धाम अपनी अनूठी वास्तुकला और आधुनिक तकनीक के अद्भुत संगम के लिए जाना जाएगा:

  • 180 फीट लंबी कमान छतरी: मंदिर परिसर में 180 फीट लंबी और 108 फीट चौड़ी कमान छतरी का निर्माण किया जा रहा है।

  • AI और 3D तकनीक से कृष्ण लीलाएं: रात के समय इस छतरी पर अत्याधुनिक 'प्रोजेक्शन मैपिंग' (3D व AI तकनीक) के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण की पावन लीलाओं का जीवंत प्रदर्शन किया जाएगा।

  • 108 मयूरों से सजा मुख्य द्वार: धाम का मुख्य प्रवेश द्वार 70 फीट ऊंचा होगा, जिसे पार पारंपरिक राजस्थानी शिल्पकला के तहत 108 मोर की सुंदर आकृतियों (मयूरों) से सुसज्जित किया जाएगा।

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