CJP पदाधिकारियों ने स्कूल भवन पर ताला लगा हुआ पाया। टीम ने स्कूल को जल्द खोलने और बच्चों के लिए नियमित शिक्षा व्यवस्था बहाल करने की मांग की। CJP राष्ट्रीय सचिव रेखा शर्मा के नेतृत्व में पहुंचे पदाधिकारियों ने कहा कि स्कूल लंबे समय से बंद होने के कारण क्षेत्र के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
टीम ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर यह जानने की कोशिश की कि स्कूल बंद होने के बाद बच्चों की पढ़ाई किस तरह प्रभावित हुई है। पदाधिकारियों के मुताबिक कई छात्र-छात्राएं स्कूल बंद होने के बाद नियमित शिक्षा से दूर हो गए हैं।
CJP टीम ने ऐसे बच्चों और उनके परिजनों से भी संपर्क किया। स्थानीय लोगों ने बताया कि क्षेत्र में रहने वाले परिवारों के लिए बच्चों की शिक्षा बड़ी चिंता बनी हुई है। लोगों ने स्कूल को दोबारा शुरू करने और बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाई का अवसर उपलब्ध कराने की मांग की।
मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। उन्होंने स्कूल की स्थिति को लेकर नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों से जल्द कार्रवाई की मांग की।
CJP पदाधिकारियों ने कहा कि इलाके के बच्चों को शिक्षा से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। टीम ने स्कूल भवन पर लगे ताले को जल्द खोलने और पढ़ाई शुरू कराने की मांग उठाई।
भट्टा बस्ती के बाद CJP की टीम राजकीय स्कूल भोमिया बस्ती पहुंची। यहां भी स्थानीय लोगों ने स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्कूल में बच्चों को उचित भवन और सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उनका कहना है कि बच्चों को ‘पिंजरेनुमा’ जगह में पढ़ाया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
लोगों ने स्कूल परिसर में चारदीवारी नहीं होने की समस्या भी उठाई। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित स्कूल परिसर होना जरूरी है। स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द चारदीवारी का निर्माण कराने की मांग की।
CJP पदाधिकारियों ने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनने के बाद कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को बेहतर और सुरक्षित माहौल में शिक्षा मिलनी चाहिए। पार्टी ने संबंधित समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की।
CJP ने चेतावनी दी कि यदि स्कूलों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो संगठन की ओर से आंदोलन किया जाएगा। पदाधिकारियों का कहना है कि स्कूलों की बदहाली का सीधा असर गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर पड़ता है।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने भी CJP टीम के सामने अपनी समस्याएं रखीं। भट्टा बस्ती में बंद स्कूल को दोबारा शुरू कराने और भोमिया बस्ती के स्कूल में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग प्रमुख रही।
CJP का कहना है कि सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर लगातार आवाज उठाई जाएगी और जहां भी बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है, वहां प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।
फिलहाल स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। भट्टा बस्ती के बंद स्कूल को कब खोला जाता है और भोमिया बस्ती के स्कूल में चारदीवारी समेत अन्य सुविधाएं कब उपलब्ध कराई जाती हैं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।