जयपुर: NEET पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर लंबे समय तक चले आंदोलन के बाद हुए समझौते की पालना को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सवाल खड़े किए हैं। CJP ने राजस्थान पुलिस पर आंदोलन में शामिल रहे छात्रों को बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया है और पुलिस प्रशासन को अपना रवैया सुधारने की सख्त चेतावनी दी है।
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने एक वीडियो संदेश जारी कर राजस्थान पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं:
मानसिक उत्पीड़न का आरोप: रांका ने कहा कि राजस्थान में CJP की कोर टीम से जुड़े कई छात्रों और युवाओं के घरों पर पुलिस लगातार दबिश दे रही है। इसके अलावा उन्हें फोन (कॉल) करके भी परेशान किया जा रहा है।
लिखित समझौते पर सवाल: उन्होंने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि केंद्र सरकार के साथ 25 जुलाई को जो लिखित समझौता हुआ था, उसे जल्द से जल्द सार्वजनिक (रिलीज़) किया जाएगा और उसकी शर्तों का पालन होगा।"
CJP प्रवक्ता ने दूसरे राज्यों का उदाहरण देते हुए राजस्थान सरकार और केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की:
अन्य राज्यों का रुख: रांका ने बताया कि जंतर-मंतर पर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बिहार सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर (FIR) और केस वापस ले लिए हैं।
सरकारों से अपील: उन्होंने केंद्र व राज्य सरकारों से मांग करते हुए कहा कि युवाओं और छात्रों को बेवजह टारगेट न किया जाए तथा 25 जुलाई को हुए ऐतिहासिक समझौते का पूरा सम्मान किया जाए।
गौरतलब है कि NEET पेपर लीक मामले के विरोध में जंतर-मंतर पर चले केंद्रीय आंदोलन में राजस्थान के छात्रों की बड़ी भूमिका रही थी:
प्रदेशभर में आंदोलन: जयपुर सहित राज्य के कई प्रमुख शहरों में छात्रों ने सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराया था।
जवाहर सर्किल पर धरना: राजधानी जयपुर के जवाहर सर्किल पर CJP से जुड़े छात्रों ने कई दिनों तक लगातार धरना और प्रदर्शन किया था।
CJP का आरोप है कि इसी प्रदर्शन को आधार बनाकर अब राजस्थान पुलिस प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जाकर छात्रों को डरा-धमका रही है और उनका मानसिक उत्पीड़न कर रही है, जिस पर तुरंत रोक लगनी चाहिए।