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जयपुर की सड़कों पर देर रात पैदल घूमे कमिश्नर ओम कसेरा, गंदगी देख खुद उठाया कचरा

जयपुर: पिंक सिटी की सड़कों पर अक्सर आधी रात को सन्नाटा पसरा होता है, लेकिन शुक्रवार की रात कुछ अलग थी। बिना किसी वीआईपी मूवमेंट या तामझाम के, जयपुर नगर निगम के नए कमिश्नर ओम कसेरा (IAS) अपनी टीम के साथ पैदल ही सफाई व्यवस्था का जायजा लेने निकल पड़े। उनका एकमात्र लक्ष्य जयपुर को स्वच्छता रैंकिंग में शीर्ष पर लाना और शहर को कचरा मुक्त बनाना है।

 

10 किलोमीटर का पैदल मार्च: न्यू गेट से जलमहल तक जांच

कमिश्नर ओम कसेरा ने रात करीब 11:30 बजे न्यू गेट से अपना निरीक्षण शुरू किया। वे किसी सरकारी गाड़ी में बैठने के बजाय पैदल ही परकोटे की गलियों में निकल पड़े।

  • रूट: न्यू गेट से चौड़ा रास्ता, त्रिपोलिया, बड़ी चौपड़, सुभाष चौक, जोरावर सिंह गेट होते हुए वे रामगढ़ मोड़ और जलमहल तक पहुंचे।

  • फीडबैक: रात करीब 1:30 बजे वापस जौहरी बाजार और बापू बाजार होते हुए न्यू गेट लौटे। इस दौरान उन्होंने रास्ते में मिले आम लोगों से सफाई व्यवस्था को लेकर फीडबैक भी लिया।

 

जब खुद कमिश्नर ने उठाया कचरा: अधिकारियों में मचा हड़कंप

निरीक्षण के दौरान शहर के प्रमुख इलाकों में गंदगी देख कमिश्नर का पारा चढ़ गया। अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने मिसाल पेश करने के लिए खुद कचरा उठाया।

  • फटकार: चौड़ा रास्ता में गंदगी मिलने पर उन्होंने संबंधित ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई।

  • डिवाइडर की सफाई: बड़ी चौपड़ पर डिवाइडर के बीच जमा कचरे को उन्होंने मौके पर ही साफ करने के निर्देश दिए।

 

24 घंटे का 'अल्टीमेटम': लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

कमिश्नर ने स्पष्ट कर दिया कि सफाई के काम में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • मलबा हटाओ: चांदी की टकसाल क्षेत्र में नाला सफाई के बाद सड़क पर पड़े मलबे को देख वे भड़क गए और अधिकारियों को इसे 24 घंटे के भीतर साफ करने का अल्टीमेटम दिया।

  • नियमित मॉनिटरिंग: उन्होंने निर्देश दिए कि सफाई केवल कागजों में नहीं, बल्कि धरातल पर दिखनी चाहिए।

 

ऑफिस से की थी सख्ती की शुरुआत

स्वच्छता को लेकर ओम कसेरा का यह अभियान सड़कों से पहले उनके दफ्तर से शुरू हुआ था।

  • ऑफिस इंस्पेक्शन: सोमवार को उन्होंने नगर निगम दफ्तर के हर कमरे का बारीकी से निरीक्षण किया था।

  • अनुशासन: दफ्तर में फैली गंदगी और फाइलों के रखरखाव को लेकर उन्होंने कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि वे पहले अपना कार्यस्थल स्वच्छ रखें।

 

IAS की एंट्री से जगी जयपुरवासियों की उम्मीद

लंबे समय बाद नगर निगम में किसी सक्रिय आईएएस अधिकारी की पोस्टिंग हुई है। शहरवासियों को उम्मीद है कि ओम कसेरा की इस 'ग्राउंड जीरो' वाली कार्यशैली से गुलाबी नगरी की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार होगा और वर्षों से चली आ रही सफाई की समस्या का स्थाई समाधान निकल सकेगा।

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