जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर को रेबीज मुक्त बनाने और पशु प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर करने के लिए जयपुर नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है। नगर निगम प्रशासन की ओर से जारी नए आदेशों के तहत अब शहर में पालतू कुत्ते और बिल्ली का रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
यदि कोई पशुपालक अपने पालतू कुत्ते या बिल्ली का तय समय सीमा के भीतर रजिस्ट्रेशन नहीं करवाता है, तो 30 सितंबर के बाद से उस पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने इस नई व्यवस्था की घोषणा करते हुए जयपुरवासियों से अपने पालतू पशुओं का समय पर रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की है।
नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने नई व्यवस्था के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि इस कदम का मुख्य लक्ष्य शहर में जिम्मेदार 'पेट ओनरशिप' को बढ़ावा देना है:
हेल्थ रिकॉर्ड रहेगा दर्ज: नगर निगम के पास शहर के हर पालतू पशु का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। इसमें उसके एंटी-रेबीज टीकाकरण और स्वास्थ्य संबंधी पूरी जानकारी दर्ज होगी।
रेबीज पर रोकथाम: इससे न केवल पालतू पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि इंसानों में फैलने वाले जानलेवा रेबीज संक्रमण की रोकथाम में भी मदद मिलेगी।
जिम्मेदार नागरिक बनें: कमिश्नर ने साफ किया कि यह नियम लोगों को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि बेहतर पशु प्रबंधन के लिए है। लोग अंतिम तिथि से पहले पंजीयन कराएं ताकि उन्हें जुर्माने का सामना न करना पड़े।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान और सुविधाजनक बनाने के लिए नगर निगम फ्रेंडशिप-डे के अवसर पर एक विशेष आयोजन करने जा रहा है:
ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन: आगामी 2 अगस्त को जयपुर शहर का सबसे बड़ा 'पेट कार्निवल' आयोजित किया जाएगा।
एक ही छत के नीचे सुविधाएं: इस कार्निवल में पशुपालकों को अपने डॉग्स और कैट्स के लिए मौके पर ही रजिस्ट्रेशन (On-spot Registration), एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन, हेल्थ चेकअप और पेट एडॉप्शन (पालतू पशु गोद लेने) जैसी सुविधाएं एक साथ उपलब्ध कराई जाएंगी।
नगर निगम ने आम नागरिकों के साथ-साथ शहर में चल रही पेट शॉप्स, डॉग व कैट ब्रीडर्स और केनल (Kennel) संचालकों की मनमानी पर लगाम कसने के लिए भी नए दिशा-निर्देश लागू किए हैं:
AWBI में पंजीयन अनिवार्य: अब जयपुर में व्यावसायिक स्तर पर पशु बिक्री करने वाले सभी संचालकों के लिए 'एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया' (AWBI) में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।
बिक्री से पहले नगर निगम में एंट्री: किसी भी कुत्ते के पिल्ले या बिल्ली के बच्चे को खरीदार को सौंपने से ठीक पहले उसका नगर निगम में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
रेबीज वैक्सीनेशन का शपथ-पत्र: यदि कोई संचालक 3 महीने से कम उम्र का पिल्ला या बिल्ली का बच्चा बेचता है, तो उसे खरीदार से यह शपथ-पत्र (Affidavit) लेना अनिवार्य होगा कि समय पूरा होते ही वह उसका रेबीज वैक्सीनेशन अवश्य करवाएगा।