जयपुर: राजधानी जयपुर के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल के डॉक्टरों ने चिकित्सा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के जनरल सर्जरी विभाग के डॉक्टरों की टीम ने एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला की गर्दन से करीब 2 किलोग्राम वजनी जटिल गांठ को सफलतापूर्वक निकाल दिया है। ऑपरेशन के बाद महिला पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से छुट्टी (डिस्चार्ज) दे दी गई है।
यह बेहद पेचीदा और जोखिम भरा ऑपरेशन जनरल सर्जरी विभाग की सीनियर प्रोफेसर डॉ. ऋचा जैन के नेतृत्व में संपन्न हुआ:
सर्जिकल टीम: इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में डॉ. ऋचा जैन के साथ डॉ. मोहित, डॉ. हनुमान राम खोजा, डॉ. फारुख, डॉ. दिनेश और डॉ. अक्षिता शामिल रहे।
गर्दन घुमाने में हो रही थी परेशानी: डॉ. ऋचा जैन ने बताया कि महिला की गर्दन में यह गांठ काफी समय से थी। समय बीतने के साथ इसका आकार इतना बड़ा हो गया था कि महिला को अपनी गर्दन और कंधे घुमाने में भी भारी परेशानी होने लगी थी। गर्दन पर भारी गांठ लटकी रहने की वजह से उनके दिनचर्या के दैनिक काम भी ठप हो गए थे।
बुजुर्ग महिला ने लंबे समय तक इस गंभीर बीमारी का दर्द झेला:
ऑपरेशन का डर: महिला शुरुआत में सर्जरी को लेकर काफी भयभीत थी, जिसके कारण उसने समय पर इलाज नहीं कराया।
अस्पतालों से मिला एसएमएस का सुझाव: जब गांठ का आकार अत्यधिक बढ़ गया और तकलीफ असहनीय हो गई, तब उसने विभिन्न अस्पतालों में डॉक्टरों से परामर्श लिया। गांठ का आकार विशाल होने और ऑपरेशन से जुड़े भारी जोखिमों को देखते हुए अंततः उसे एसएमएस अस्पताल रेफर कर दिया गया।
एसएमएस अस्पताल के जनरल सर्जरी विभाग की ओपीडी में मरीज की प्रारंभिक जांच की गई:
जांच और तैयारी: डॉक्टरों ने सबसे पहले गांठ की बायोप्सी करवाई। सभी आवश्यक जांचें रिपोर्ट अनुकूल आने के बाद मरीज को सर्जरी के लिए तैयार किया गया।
सर्जरी की सबसे बड़ी चुनौती: डॉक्टरों के अनुसार, ऑपरेशन का सबसे चुनौतीपूर्ण पहलू गांठ का अत्यधिक बड़ा होना और उसका गर्दन के बेहद संवेदनशील हिस्से में स्थित होना था। गर्दन के इस भाग से मस्तिष्क (Brain) की ओर जाने वाली अति-महत्वपूर्ण नसें और मुख्य रक्त धमनियां (Blood Vessels) गुजरती हैं।
जोखिम और सफलता: ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव (ब्लीडिंग) और दिमाग को जाने वाली मुख्य नसों के डैमेज होने का बड़ा खतरा था। इसके बावजूद सर्जन्स की टीम ने अत्यधिक सावधानी बरतते हुए सभी महत्वपूर्ण नसों को बचाकर पूरी गांठ को सुरक्षित बाहर निकाल दिया।
सफलतापूर्वक सर्जरी के बाद मरीज की रिकवरी काफी तेजी से हुई:
मरीज पूरी तरह स्वस्थ: पोस्ट-ऑपरेटिव केयर के दौरान बुजुर्ग महिला की स्थिति बिल्कुल सामान्य और ठीक पाई गई।
अस्पताल से डिस्चार्ज: ऑपरेशन के चार दिन बाद डॉक्टरों ने संतुष्ट होकर महिला को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। महिला और उसके परिजनों ने एसएमएस अस्पताल के डॉक्टरों का आभार जताया है।